बिजनौर पुलिस ने शेरकोट स्थित मनोकामना मंदिर के पुजारी बेगराम सिंह महाराज की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। हत्याकांड में आरोपी दिनेश चौहान को गिरफ्तार कर उसका चालान किया है। आरोपी मंदिर की संपत्ति और जमीन को हड़पना चाहता था। आए दिन पुजारी से चढ़ावे से रकम मांगता था। घटना को अंजाम देने के कुछ दिन पहले भी आरोपी मंदिर में चढ़ावे की रकम लेने पुजारी के पास आया था। उसे पुजारी ने डांट कर वहां से भगा दिया था।
इसके बाद आरोपी पुजारी से रंजिश रखने लगा था। इसी लिए उसने पुजारी की लाठी-डंडों से प्रहार कर हत्या कर दी। एसपी पूर्वी धामपुर ओमवीर सिंह ने बताया कि आरोपी शेरकोट के मोहल्ला वीरथला निवासी दिनेश चौहान पुत्र कृपाल सिंह और उसका बड़ा भाई वीरेंद्र चौहान दोनों अविवाहित हैं। दोनों ही नशा करते हैं।
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पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
दिनेश चौहान पर इससे पहले दो और लोगों की हत्या करने का आरोप है। जिसका केस कोर्ट में चल रहा है। कुछ दिनों पहले आरोपी दिनेश का बड़ा भाई वीरेंद्र चौहान किसी महिला को अपने साथ लेकर मंदिर में एक रात गुजारने के लिए गया था। जिसका पता लगने पर पुजारी बेगराम सिंह महाराज ने उसे वहां पर टिकने नहीं दिया था।
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जांच करती पुलिस।
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आरोपी दिनेश की मंदिर के पास कुछ खेती की जमीन है। यह जमीन उसने शेरकोट के एक व्यक्ति को ठेके पर दे रखी है। दिनेश मंदिर की जमीन को हड़पने की फिराक में था। वह आए दिन पुजारी से झगड़ा करता रहता था।
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पूछताछ करती पुलिस।
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घटना से चार-पांच दिन पहले भी वह पुजारी के पास आया था। पुजारी से चढ़ावे की रकम मांगी थी। पुजारी ने उसे डांट कर वहां से भगा दिया था। आरोप है कि इसी रंजिश के कारण दिनेश चौहान ने पुजारी की हत्या की है।
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जांच करती पुलिस।
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मंदिर का अभी तक पंजीकरण नहीं
एसपी पूर्वी का कहना है कि मंदिर की जमीन, मंदिर के नाम नहीं है। शेरकोट के कृपाल सिंह सैनी के पिता के पास छह बीघा जमीन थी। इसमें से तीन बीघा उन्होंने मंदिर को दान में दे दी थी। एक बीघा जमीन में मंदिर बना है और दो बीघा जमीन अभी खाली पड़ी है। बताया गया कि मंदिर की जमीन कृपाल सिंह सैनी और उनके पूर्व में रहे गुरु के नाम चल रही है। बड़ी बात है कि मंदिर का अभी तक पंजीकरण तक नहीं हुआ है।