आगरा के रुनकता में बंदर द्वारा मां की गोद से 12 दिन के अबोध बच्चे को छीन कर मार डालने की घटना ने सबका दिल झकझोर दिया है। बेटे की मौत के बाद मां की आंखों से न आंसू थम रहे हैं, न उसके दिमाग से वो खौफ का मंजर दूर हो रहा है, जब उसके लाल को बंदर उससे छीनकर ले गया और उसके सामने ही मार डाला।
बंदर ने गोद से छीन मार डाला था अबोध बेटा, रो रोकर कह रही मां- मेरे लाल कहां चला गया तू...
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मृतक बच्चे की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मेरे लाल तू कहां चला गया... तेरे बिना कैसे जी पाउंगी मैं... मुझे भी अपने साथ ले जाता...बस यही कहे जा रही है नेहा और रोए जा रही है। घटना के बाद से नेहा ने कुछ नहीं खाया है। पानी भी नहीं पी रही है। होठ सूख जाते हैं तो पड़ोस की महिलाएं जबरन एक दो घूंट पानी मुंह में डाल देती है। जो भी नेहा के आंसू पोंछने के लिए आता है, वह खुद रोने लगता है।
बंदर ने गोद से छीन मार डाला था अबोध बेटा, रो रोकर कह रही मां- मेरे लाल कहां चला गया तू...
नेहा सोमवार की देर शाम 12 दिन के सोनू को दूध पिला रही थी। तभी बंदर आया। उससे सोनू को छीन ले गया। उसकी आंखों के सामने ही सोनू की गर्दन पर काटा, बच्चे की वहीं पर मौत हो गई थी। इसके बाद बंदर मुंह से बच्चे के शव को उठा ले गया था। लोगों के पीछा करने पर एक छत पर छोड़ दिया था।
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रुनकता में डंडे लेकर निकले युवा
- फोटो : अमर उजाला
दिल झकझोर देने वाली इस घटना के बाद रुनकता में हर तरफ बंदरों का खौफ है। लोग इतने डरे हुए हैं कि बच्चों को घरों में कैद कर दिया है और खुद लाठी-डंडे लेकर बंदरों को अपने मोहल्लों से दूर भगा रहे हैं। न वन विभाग की तरफ से कोई मदद मिल रही है और न ही प्रशासन की। इससे पहले भी बंदरों ने बच्चों पर हमले किए। मासूम को मार दिए जाने की घटना मोहल्ला कचहरा थोक में हुई। यहां महिलाएं खासतौर से सहमी हुई हैं।
बंदर ने गोद से छीन मार डाला था अबोध बेटा, रो रोकर कह रही मां- मेरे लाल कहां चला गया तू...
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बंदर भागते युवक
- फोटो : अमर उजाला
इसी कॉलोनी के उदयवीर ने बताया कि लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे। घर में ही गेट बंद करके रख रहे हैं। छतों पर पहरे दिए जा रहे हैं। डंडे लेकर बंदरों के पीछे लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है। सोनू का कहना है कि महिलाएं छतों पर कपड़े सुखाने के लिए जाने से डर रही हैं। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य डंडा लेकर खड़े रहते हैं, तब कपड़े सुखाए जाते हैं। गली मोहल्लों और मैदान में बच्चों का खेलना बंद करा दिया गया है।