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Agra: सिकंदरा में हिरनों के लिए खतरा बने सियार, काले हिरन रहते हैं निशाने पर, देखें तस्वीरें

Thu, 23 Jun 2022 11:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 23 Jun 2022 11:57 AM IST
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Jackals become a threat to deer in Sikandra black deer remain on target
हिरनों के लिए खतरा बने सियार - फोटो : अमर उजाला
आगरा के सिकंदरा स्थित अकबर के मकबरे में 70 से ज्यादा काले हिरनों की जान खतरे में है। बुधवार सुबह सिकंदरा स्मारक में घूमने गए पर्यटक ने चार सियारों के झुंड का वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया, जिसके बाद दुर्लभ काले हिरनों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहा है।


सियार पहले भी यहां काले हिरनों को शिकार बना चुके हैं। सिकंदरा के उत्तरी गेट की ओर घना जंगल है, जहां दो जगह से दीवार टूटी होने के कारण सियार स्मारक के अंदर पहुंच रहे हैं। सियार हिरनों के साथ, पर्यटकों खास तौर से बच्चों के लिए भी खतरनाक हो सकते है। इस मामले में अधिकारियों का कहना है सियारों को यहां से निकलवा कर दीवार दुरुस्त कराई जाएगी। काले हिरनों को यहां से इटावा के लॉयन सफारी में भेजने का फैसला दो साल पहले हो चुका है, इसके लिए विशेष गाड़ी भी बनवाई जाएगी। जल्द उन्हें भी यहां से शिफ्ट किया जाएगा।
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सिकंदर स्मारक में हिरन - फोटो : अमर उजाला

1905 में आए थे काले हिरन के दो बच्चे

एएसआई के रिटायर्ड वरिष्ठ संरक्षण सहायक डॉ. आरके दीक्षित बताते हैं कि ब्रिटिश काल में अकबर के मकबरे में 1905 में अंग्रेज अफसर काले हिरन के दो बच्चे लेकर आए थे, जिनमें एक नर और एक मादा था। प्रजनन के बाद उनका कुनबा साल दर साल बढ़ता गया। वर्ष 2007 में बीमारी से पहले सिकंदरा में इनकी संख्या 140 से ज्यादा थी। 

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सिकंदरा स्मारक में घूमता सियार - फोटो : अमर उजाला

सात वर्ष पहले हुई थी तीन दर्जन से अधिक की मौत

वर्ष 2007 में अज्ञात बीमारी के कारण सिकंदरा में तीन दर्जन से ज्यादा काले हिरनों की मौत हो गई थी। इस मामले में दायर याचिका में वर्ष 2015 में हाईकोर्ट ने काले हिरनों को सुरक्षित जगह शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। शिफ्टिंग के लिए एएसआई ने वन विभाग को 52.90 लाख रुपये दिए हैं, लेकिन वन विभाग सात वर्षों में हिरनों को शिफ्ट नहीं कर पाया है। इसके लिए जगह की तलाश में ही पांच साल गुजर गए।

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हिरन - फोटो : अमर उजाला

इटावा लॉयन सफारी भेजा जाना है काले हिरनों को

दुर्लभ प्रजाति के काले हिरनों को इटावा के लॉयन सफारी भेजने का फैसला दो साल पहले ही किया जा चुका है। इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी ने अनुमति भी जारी कर दी है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के आदेश के बाद विशेष गाड़ी बनवाई जाएगी, जिसके जरिए काले हिरनों को लॉयन सफारी के एंटीलोप पार्क में छोड़ा जाएगा। सफारी में पहले से ही 100 से ज्यादा काले हिरन हैं।

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सिकंदरा स्मारक - फोटो : अमर उजाला

एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

सिकंदरा में पहले भी काले हिरन मारे जा चुके हैं। सियार उत्तरी गेट की ओर के जंगल में छिपे रहते हैं। दीवार टूटी होेने के कारण बाहर से अंदर आ जाते हैं। उनके हमले में हिरनों के कई बच्चे मारे जा चुके हैं, पर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। - गीतम सिंह, एक्टिविस्ट
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