दस दिवसीय ताज महोत्सव का आगरा के शिल्पग्राम में रंगारंग आगाज हुआ। अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन डॉ. रामशंकर कठेरिया ने दीप जलाकर महोत्सव का शुभारंभ किया। थीम गीत के बाद ब्रज की संस्कृति की छटा बिखरी। कलाकारों ने ब्रज धाम की महिमा और संस्कृति पर आधारित नृत्य और गीत संगीत प्रस्तुत किए।
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फूलों की होली
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद श्रीराम भारतीय नृत्य कला केंद्र के कलाकारों ने श्रीराम नृत्य नाटिका की भव्य प्रस्तुति दी। इस तरह शिल्पग्राम राम और कृष्णमय हो गया। ताज महोत्सव के 27वें संस्करण के शुभारंभ के मौके पर कठेरिया ने कहा कि ताज महोत्सव अब भारत के प्रमुख शिल्प उत्सवों में पहचाना जाने लगा है।
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मनमोहक दृश्य
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इस तरह के आयोजनों से भारतीय संस्कृति के विविध आयामों का प्रचार प्रसार होता है। मंडलायुक्त के. राम मोहन राव ने कहा कि ताज महोत्सव अब आगरा का परंपरागत आयोजन बन चुका है। इसमें देशभर से आने वाले 1800 से अधिक कलाकार और 350 शिल्पी प्रतिभाग कर रहे हैं।
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लोगों का मोहा मन
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इसके बाद गजल गायक सुधीर नारायण ने साथियों के साथ सुशील सरित द्वारा रचित ताज महोत्सव की थीम धरोहर पर आधारित थीम सांग ‘हमारी धरोहर जमुना जल है, प्रेम की गरिमा ताजमहल है’ की प्रस्तुति दी। इसके बाद ब्रज लोक कला फाउंडेशन के दानी शर्मा ने साथियों के साथ ब्रज की संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया।
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कलाकारों ने दी जीवंत प्रस्तुति
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शुरुआत चारों धाम से निराला ब्रजधाम, दर्शन कर लो, सुमिरन कर लो..जय श्री राधे.. की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो है... पर चरकुला नृत्य की प्रस्तुति को सबने सराहा। आज बिरज में होली रे रसिया पर ब्रज की परंपरागत फूलों की होली का नृत्य प्रस्तुत किया गया तो मयूर नृत्य से माहौल कृष्ण भक्ति से सराबोर हो गया।