स्कूल जाने वाले बच्चों के बैग में किताब-कॉपी तो होती ही हैं, लेकिन कई बार उनके साथ ऐसी चीजें भी रोज बैग में पड़ी रहती हैं, जिनकी उस दिन कोई जरूरत नहीं होती। धीरे-धीरे यही छोटी-छोटी चीजें बैग को जरूरत से ज्यादा भारी बना देती हैं। भारी बैग उठाकर रोज स्कूल जाने से बच्चे के कंधे, गर्दन और पीठ पर खिंचाव या दर्द जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए सिर्फ किताबों की संख्या नहीं, बैग में रखे पूरे सामान पर नजर रखना भी जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि इसका क्या उपाय है।
स्कूल बैग में रोज ये चीजें रखते हैं तो तुरंत निकालें, बच्चे की पीठ पर पड़ सकता है असर
School Bag Weight: स्कूल बैग में किताब-कॉपी के अलावा कई ऐसी चीजें भी रोज पड़ी रहती हैं, जिनकी उस दिन जरूरत नहीं होती। पानी की बड़ी बोतल, एक्स्ट्रा कॉपियां, पुराने प्रोजेक्ट और दूसरी चीजें बैग का वजन बढ़ा देती हैं। लंबे समय तक भारी बैग उठाने से बच्चे के कंधे, गर्दन और पीठ पर परेशानी हो सकती है।
सबसे पहले निकालें एक्स्ट्रा कॉपियां
बच्चे कई बार सभी विषयों की कॉपियां एक साथ बैग में रख लेते हैं, जबकि उस दिन कुछ ही विषयों की जरूरत होती है। पुरानी कॉपियां, अधूरे काम वाली नोटबुक या ऐसी किताबें जिनकी उस दिन जरूरत नहीं है, बैग में वजन बढ़ाती रहती हैं। टाइम टेबल देखकर सिर्फ जरूरी किताब-कॉपी रखने की आदत डालना बेहतर है।
बड़ी पानी की बोतल भी बढ़ा सकती है वजन
पानी की बोतल जरूरी है, लेकिन बहुत बड़ी और भारी बोतल बैग का वजन बढ़ा सकती है। बच्चे की जरूरत के हिसाब से सही आकार की बोतल रखें। साथ ही बैग में खाली या आधी भरी दूसरी बोतल, टिफिन के अतिरिक्त डिब्बे या ऐसे सामान को न रखें, जिसकी जरूरत नहीं है।
पुराने प्रोजेक्ट और कागज भी बनते हैं वजह
बच्चों के बैग में पुराने प्रोजेक्ट, ड्राइंग, वर्कशीट और ढेर सारे कागज कई दिनों तक पड़े रहते हैं। एक-एक कागज भले ही हल्का हो, लेकिन बहुत सारे कागज मिलकर बैग का वजन बढ़ा देते हैं। इसलिए सप्ताह में एक बार बैग खाली करके गैरजरूरी कागज निकाल देना चाहिए।
पेंसिल बॉक्स भी हो सकता है भारी
कई बच्चे पेंसिल बॉक्स में जरूरत से ज्यादा सामान रखते हैं। कई पेन, पेंसिल, रंग, स्केल, शार्पनर और दूसरी चीजें रोज बैग में घूमती रहती हैं। बच्चे को समझाएं कि जितनी चीजों की जरूरत हो, उतनी ही रखें।
बैग का वजन भी करते रहें
बच्चे को बैग पहनाकर देखें कि वह आराम से चल पा रहा है या नहीं। अगर बैग उठाने में बच्चा आगे झुकता है, कंधों पर पट्टियां दबती हैं या पीठ और गर्दन में बार-बार दर्द होता है, तो बैग का वजन और उसे पहनने का तरीका जरूर जांचें। भारी सामान बैग में पीठ के ज्यादा करीब रखना और दोनों कंधों पर पट्टियां लगाकर बैग पहनना बेहतर रहता है। रोज दो मिनट बैग चेक करने की आदत से काफी गैर जरूरी सामान बाहर निकाला जा सकता है। इससे बच्चे को जरूरत से ज्यादा वजन रोज उठाने से भी बचाया जा सकता है।
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