दो सहेलियां मिलकर बिजनेस शुरू करें तो शुरुआत काफी अच्छी लग सकती है। एक के पास आइडिया हो और दूसरी के पास पैसा या काम संभालने का अनुभव, तो दोनों मिलकर काम आगे बढ़ा सकती हैं। लेकिन सिर्फ दोस्ती के भरोसे बिजनेस चलाना हमेशा सही नहीं होता। पैसा और जिम्मेदारियां जुड़ने के बाद छोटी सी गलतफहमी भी दोस्ती पर असर डाल सकती है। इसलिए बिजनेस शुरू करने से पहले जरूरी बातें लिखित में तय करना समझदारी है। तो आइए विस्तार से जानते हैं।
दो सहेलियां मिलकर बिजनेस शुरू कर रही हैं? पैसा लगाने से पहले इन बातों को लिखित में तय करें
Business Partnership: दोस्ती के भरोसे बिजनेस शुरू करना आसान लग सकता है, लेकिन पैसे लगाने से पहले दोनों पार्टनर को जरूरी बातें लिखित में तय कर लेनी चाहिए। निवेश, हिस्सेदारी, काम की जिम्मेदारी, मुनाफा, नुकसान और बिजनेस से अलग होने की स्थिति साफ लिखी हो तो आगे गलतफहमी का खतरा कम हो सकता है।
कौन कितना पैसा लगाएगा?
सबसे पहले यह साफ करें कि दोनों पार्टनर बिजनेस में कितनी रकम लगाएंगी। अगर एक पार्टनर ज्यादा पैसा लगा रही है और दूसरी कम, तो यह भी लिखें कि दोनों की हिस्सेदारी कितनी होगी। बाद में कोई अतिरिक्त पैसा लगाने की जरूरत पड़े तो वह रकम किस तरह आएगी, यह भी पहले से तय कर लें।
किसकी क्या जिम्मेदारी होगी
सिर्फ पैसा लगाना ही पार्टनरशिप नहीं है। बिजनेस में कौन ग्राहक संभालेगी, कौन खरीदारी करेगी, कौन सोशल मीडिया देखेगी और कौन हिसाब-किताब रखेगी, इसकी जिम्मेदारी पहले से तय करें। दोनों का काम बराबर नहीं है तो इसे भी लिखित में साफ रखें।
मुनाफा और नुकसान कैसे बांटेंगे
बिजनेस में मुनाफा होने पर दोनों को कितना हिस्सा मिलेगा, यह लिखित में होना चाहिए। इसी तरह नुकसान होने पर किसकी कितनी जिम्मेदारी होगी, यह भी पहले तय करें। साझेदारी में लाभ और हानि के बंटवारे के नियम पार्टनरशिप डीड में स्पष्ट किए जा सकते हैं।
बिजनेस का बैंक अकाउंट और हिसाब
बिजनेस का पैसा निजी खर्चों से अलग रखना बेहतर है। बिजनेस के लिए अलग बैंक अकाउंट और साफ हिसाब रखें। किस खर्च के लिए दोनों की मंजूरी जरूरी होगी और कौन अकेले भुगतान कर सकती है, यह भी लिखित में तय किया जा सकता है।
कोई एक पार्टनर बिजनेस छोड़ना चाहे तो?
यह बात अक्सर शुरुआत में कोई नहीं सोचता। लेकिन अगर कुछ महीनों बाद एक सहेली बिजनेस छोड़ना चाहे तो क्या होगा, यह पहले से तय कर लें। उसकी हिस्सेदारी कैसे निकलेगी, सामान या संपत्ति का हिसाब कैसे होगा और बकाया रकम का क्या होगा, इन बातों को लिखित समझौते में शामिल किया जा सकता है।
सिर्फ व्हाट्सऐप चैट पर निर्भर न रहें
दोस्तों के बीच बातें मैसेज पर तय कर लेना आसान लगता है, लेकिन बिजनेस के लिए औपचारिक लिखित समझौता ज्यादा सुरक्षित रहता है। बिजनेस के ढांचे के हिसाब से पार्टनरशिप डीड या दूसरी उपयुक्त कानूनी व्यवस्था तैयार कराई जा सकती है। दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले जरूरत हो तो चार्टर्ड अकाउंटेंट या वकील की सलाह भी लें।
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