आज ज्यादातर छोटे-बड़े ब्रांड सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर रोज पोस्ट डालने से लेकर कमेंट का जवाब देने, कंटेंट की योजना बनाने और अकाउंट की निगरानी करने के लिए उन्हें लोगों की जरूरत होती है। अगर आपको सोशल मीडिया चलाने और कंटेंट बनाने की अच्छी समझ है तो घर से ही डिजिटल एजेंसी शुरू की जा सकती है। तो आज की खबर में हम आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
दोस्त के साथ शुरू कर रही हैं डिजिटल एजेंसी? ये गलती पड़ी सकती है भारी
सोशल मीडिया का काम समझती हैं तो घर से डिजिटल एजेंसी शुरू करना कम लागत वाला बिजनेस बन सकता है। लेकिन अगर पार्टनर के साथ काम शुरू कर रही हैं तो शुरुआत में ही लिखित एग्रीमेंट बनाना जरूरी है, ताकि बाद में अकाउंट और कमाई को लेकर विवाद न हो।
शुरुआत में किन सेवाओं से करें काम
डिजिटल एजेंसी शुरू करने के लिए जरूरी नहीं कि शुरुआत में बड़ा ऑफिस या बहुत सारे कर्मचारी हों। आप घर से ही एक या दो लोगों के साथ काम शुरू कर सकती हैं। शुरुआत में सोशल मीडिया पोस्ट बनाना, कैप्शन लिखना, पोस्ट का शेड्यूल तैयार करना, कमेंट और मैसेज संभालना और महीने की रिपोर्ट तैयार करना जैसी सेवाएं दी जा सकती हैं। इसके लिए पहले कुछ छोटे कारोबार या स्थानीय ब्रांड को ग्राहक बनाया जा सकता है। काम शुरू करने से पहले यह साफ कर लें कि ग्राहक को महीने में कितनी पोस्ट, वीडियो या दूसरी सेवाएं दी जाएंगी और इसके बदले कितनी फीस ली जाएगी।
पार्टनर के साथ शुरू कर रही हैं तो एग्रीमेंट जरूर बनाएं
अगर आप यह काम किसी दोस्त, रिश्तेदार या बिजनेस पार्टनर के साथ शुरू कर रही हैं तो सिर्फ भरोसे के आधार पर काम शुरू न करें। लिखित एग्रीमेंट बनाना ज्यादा सुरक्षित रहता है। इसमें यह साफ होना चाहिए कि एजेंसी का मालिकाना हक किसके पास होगा और किसकी कितनी हिस्सेदारी है। खास तौर पर फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट के लॉगिन, एडमिन एक्सेस और दूसरे चैनल राइट्स किसके पास रहेंगे, यह पहले ही तय कर लें। ग्राहक का सोशल मीडिया अकाउंट किसके नाम पर रहेगा और पार्टनर अलग होने पर इन अकाउंट्स का क्या होगा, यह भी एग्रीमेंट में लिखा जा सकता है।
कमाई और खर्च का हिसाब भी पहले तय करें
पार्टनर के साथ काम करने पर ग्राहक से मिलने वाली फीस, विज्ञापन का खर्च, सॉफ्टवेयर या दूसरे कामकाजी खर्च और मुनाफे का बंटवारा पहले से तय करना बेहतर है। साथ ही यह भी लिखें कि किसी विवाद की स्थिति में मामला कैसे सुलझाया जाएगा। इसे डिस्प्यूट रेजोल्यूशन क्लॉज के जरिए तय किया जा सकता है। इसके अलावा टर्मिनेशन क्लॉज भी रखें। इसमें यह साफ किया जा सकता है कि पार्टनरशिप खत्म करने के लिए कितने दिन पहले सूचना देनी होगी और काम, ग्राहक, अकाउंट और बकाया भुगतान का निपटारा कैसे होगा। जरूरत के हिसाब से किसी वकील से एग्रीमेंट की जांच करवाना भी बेहतर रहेगा।
काम छोटा हो या बड़ा, नियम पहले तय करें
घर से डिजिटल एजेंसी शुरू करना आसान लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे ग्राहक और कमाई बढ़ती है, जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। इसलिए शुरुआत में ही काम, पैसे, सोशल मीडिया अकाउंट और पार्टनरशिप से जुड़े अधिकार साफ रखने से आगे होने वाली कई परेशानियों से बचा जा सकता है।
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