आज की इस बढ़ती महंगाई के दौर में पैसों को सही ढंग से मैनेज करना काफी जरूरी हो गया है। अगर आप ऐसा नहीं करते, तो बढ़ती मुद्रास्फीति आपके पैसों की वैल्यू को धीरे-धीरे खत्म कर देगी। अपने बचत किए गए पैसों पर सही वैल्यू पाने के लिए आपको उसे अच्छी जगह पर निवेश करना चाहिए। एक अच्छा और व्यवस्थित निवेश लॉन्ग टर्म में शानदार रिटर्न देता है। ये पैसे न केवल आपके भविष्य को सुरक्षित करते हैं, बल्कि इन पैसों से आप अपने दूसरे जरूरी कामों को भी कर सकते हैं। इन पैसों की सहायता से आप आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगे। आपको आर्थिक रूप से किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसी कड़ी में आज हम आपको कुछ ऐसी स्कीम्स के बारे में बताने वाले हैं, जहां पर निवेश करके आप मैच्योरिटी के समय अच्छा खासा फंड इकट्ठा कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से -
Investment Schemes: निवेश के लिए ये स्कीम्स हैं काफी खास, मैच्योरिटी के समय इकट्ठा कर सकेंगे करोड़ों रुपये
म्यूचुअल फंड
बीते कुछ सालों में भारत में म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर क्रेज काफी बढ़ा है। म्यूचुअल फंड ने पिछले कुछ सालों में अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में आप किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में एसआईपी बनाकर मैच्योरिटी के समय करोड़ों रुपये का फंड इकट्ठा कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन आते हैं। ऐसे में इसमें निवेश करने से पहले आपको विशेषज्ञों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना
इस स्कीम को खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस स्कीम में निवेश करने पर आपको बैंक एफडी से भी ज्यादा का इंटरेस्ट रेट मिलता है। मौजूदा वक्त में इस योजना में 7.4 प्रतिशत का सालाना इंटरेस्ट रेट मिल रहा है। इस स्कीम में निवेश करने पर आपके पैसे 9 साल में दोगुने हो जाएंगे।
डाकघर मासिक आय योजना
पैसों को इन्वेस्ट करने के लिए इंडियन पोस्ट की ये स्कीम भी एक अच्छा ऑप्शन है। मौजूदा वक्त में इस स्कीम में निवेश करने पर आपको 6.6 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। अगर आप इस स्कीम में अपने पैसों को इन्वेस्ट करते हैं, तो करीब 10 साल में आपके पैसे दोगुने हो जाएंगे।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड
निवेश के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड भी काफी अच्छा विकल्प है। मौजूदा वक्त में इस स्कीम में निवेश करने पर आपको 7.1 प्रतिशत की चक्रवृद्धि ब्याज दर मिल रही है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड में निवेश की अवधि 15 साल की है। हालांकि, इसे 5 सालों के लिए आगे भी बढ़ाया जा सकता है।