Health Insurance Claim Rejection: आज के दौर में हेल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) किसी भी परिवार के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह होता है, जो बीमारी के समय आर्थिक तंगी से बचाता है। मगर कई बार अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद जब क्लेम रिजेक्ट (खारिज) हो जाता है, तो मरीज और उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है।
अमूमन लोग इसके लिए सीधे बीमा कंपनियों को दोष देते हैं, लेकिन असल में इसके पीछे पॉलिसी लेते समय की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां और नियम होते हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि किन आम वजहों से आपका हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम फंस या रिजेक्ट हो सकता है।
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पुरानी बीमारी को छुपाना
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पुरानी बीमारी को छुपाना
- पॉलिसी खरीदते समय अक्सर लोग अपने प्रीमियम को कम करने के लिए पुरानी बीमारियों को छुपा लेते हैं।
- अगर आप अपनी किसी पुरानी बीमारी (जैसे शुगर, बीपी या थायराइड) की जानकारी कंपनी को नहीं देते हैं, तो इसे धोखाधड़ी माना जाता है।
- इलाज के दौरान जब डॉक्टर की रिपोर्ट से पता चलता है कि यह बीमारी पुरानी है, तो बीमा कंपनी क्लेम को तुरंत खारिज कर देती है।
- देखा जाए तो क्लेम रिजेक्ट होने सबसे आम कारण यही होता है, इसलिए कभी भी पॉलिसी लेते समय सब सही जानकारी देनी चाहिए।
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वेटिंग पीरियड के नियम न जानना
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वेटिंग पीरियड के नियम न जानना
- हेल्थ इंश्योरेंस लेते ही पहले दिन से सभी बीमारियों का खर्च नहीं मिलता। इसलिए कुछ खास नियम होते है जो अलग पॉलिसी के शर्तों के हिसाब से बदल सकते हैं।
- आमतौर पर मोतियाबिंद, पथरी या हर्निया जैसी बीमारियों के लिए 2 से 4 साल का शुरुआती समय तय होता है।
- अगर आप इस तय समय के पूरा होने से पहले इन बीमारियों के इलाज का क्लेम करते हैं, तो कंपनी उसे रिजेक्ट कर देगी।
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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट
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अस्पताल में भर्ती होने और सूचना देने में देरी
- ज्यादातर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में क्लेम पाने के लिए मरीज का अस्पताल में कम से कम 24 घंटे लगातार भर्ती रहना कानूनी रूप से जरूरी होता है।
- अस्पताल में भर्ती होने के तुरंत बाद (आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर) बीमा कंपनी को इसकी सूचना देना जरूरी है, देरी होने पर क्लेम रुक जाता है।
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इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट
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पॉलिसी का लैप्स होना और नेटवर्क से बाहर इलाज
- अगर आपने अपने हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम समय पर नहीं भरा है और ग्रेस पीरियड भी खत्म हो गया है, तो पॉलिसी लैप्स (बंद) हो जाती है।
- इसके अलावा कैशलेस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कंपनी के नेटवर्क अस्पतालों में ही जाना चाहिए। नॉन-नेटवर्क अस्पताल में जाने पर आपको पूरा पैसा खुद देना होता है, हालांकि अधिकतर पॉलिसी में आप इसे रिम्बर्समेंट करवा सकते हैं।