EPFO PF Deduction New Rule: अगर आप देखेंगे तो एक बड़ा तबका ऐसा है जो नौकरीपेशा है। लोग महीने भर काम करते हैं और तब उन्हें सैलरी मिलती है जिससे वे अपनी आजीविका चलाते हैं और अपने भविष्य के लिए लोग बचत करते हैं। यही नहीं, नौकरी करने वाले लोगों का नियमों के तहत पीएफ भी कटता है।
इसमें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ नोकरी करने वाले लोगों का पीएफ खाता खोलती है जिसके बाद इस खाते में हर महीने कर्मचारी की सैलरी में से एक तय अमाउंट काटकर जमा किया जाता है और इतना ही कंपनी भी कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करवाती है। इस पर सरकार सालाना ब्याज भी देती है। पर क्या आप जानते हैं कि अब पीएफ काटने की सैलरी वाली लिमिट जो थी उसे बढ़ाया जा सकता है? आप आगे इस बारे में जान सकते हैं। तो चलिए जानते हैं मौजूदा समय में पीएफ कितनी सैलरी वालों का कटता है और अब ये लिमिट बढ़कर कितनी हो सकती है...
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पीएफ कटने की लिमिट बढ़ सकती है?
- फोटो : Adobe Stock
कितनी सैलरी पर कटता है पीएफ?
- अगर आपका भी पीएफ कटता है, तो आपको ये पैसा भविष्य में आर्थिक मदद दे सकता है। बात अगर मौजूदा समय की करें तो अभी पीएफ 15000 रुपये की बेसिक सैलरी वालों का कटता है। पर माना जा रहा है कि ईपीएफओ इस लिमिट को बढ़ा सकता है, क्योंकि EPFO का केंद्रीय बोर्ड अपनी अगली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा कर सकता है।
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पीएफ कटने की लिमिट बढ़ सकती है?
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- केंद्रीय बोर्ड की ये बैठक दिसंबर-जनवरी में होने की संभावना जताई जा रही है। जहां माना जा रहा है कि हर महीने पीएफ काटने की बेसिक सैलरी की लिमिट को 12 हजार रुपये से बढ़ाया जा सकता है। अगर ये फैसला होता है तो वर्ष 2014 के बाद ये पहली बार होगा, जब वेतन सीमा में संशोधन होगा।
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कितनी हो सकती है नई लिमिट?
- जहां अभी 15 हजार रुपेय प्रति माह या उससे कम बेसिक सैलरी वाले लोगों का पीएफ कटता है, तो वहीं अब इस लिमिट को बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जा सकता है। ये जान लें कि ऐसा ईपीएफ और ईपीएस दोनों के लिए अनिवार्य होगा।
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क्यों बढ़ सकती है लिमिट?
- श्रमिक यूनियन काफी लंबे समय से इस लिमिट को बढ़ाने की मांग कर रहा था। उनके मुताबिक, महानगरों में काम करने वाले लोगों की सैलरी 15 हजार रुपये से अधिक है। ऐसे में वे नियम के तहत पीएफ के दायरे में नहीं आ पाते हैं। इसलिए अगर इस लिमिट को बढ़ाया जाता है तो ये समस्या खत्म हो सकती है।