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सेविंग अकाउंट में ही रखती हैं सारे पैसे? महिलाएं पहले जान लें इमरजेंसी फंड का ये तरीका

Sat, 26 Sep 2026 09:54 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Sat, 26 Sep 2026 09:54 AM IST
सार

Emergency Fund for Women: अचानक मेडिकल खर्च, नौकरी में ब्रेक या घर के किसी जरूरी काम के लिए इमरजेंसी फंड बेहद जरूरी है। पैसे को सिर्फ सेविंग अकाउंट में रखने के बजाय इसका एक हिस्सा लिक्विड म्यूचुअल फंड में रखा जा सकता है। हालांकि, इसमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती और इसे एफडी का पक्का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
 

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Emergency Fund for Women How to Use Liquid Mutual Funds for Emergency Savings
महिलाओं के लिए जरूरी है इमरजेंसी फंड - फोटो : AI

महिलाओं के लिए इमरजेंसी फंड बहुत जरूरी है। घर का खर्च हो, बच्चों की जरूरत हो या अचानक कोई बड़ा बिल आ जाए, ऐसे समय में किसी से पैसे मांगने या क्रेडिट कार्ड पर निर्भर रहने की जरूरत न पड़े, इसके लिए पहले से कुछ रकम अलग रखना समझदारी है। आमतौर पर लोग यह पैसा सेविंग अकाउंट में रखते हैं। लेकिन इमरजेंसी फंड का कुछ हिस्सा लिक्विड म्यूचुअल फंड में रखने का विकल्प भी देखा जा सकता है। तो आइए विस्तार से जानते हैं।

Emergency Fund for Women How to Use Liquid Mutual Funds for Emergency Savings
महिलाओं के लिए जरूरी है इमरजेंसी फंड - फोटो : अमर उजाला

लिक्विड फंड क्या होता है?
लिक्विड फंड एक तरह का डेट म्यूचुअल फंड है। ये फंड आमतौर पर 91 दिनों तक की मैच्योरिटी वाले कम अवधि के मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। इनका मकसद छोटे समय के लिए पैसे को अपेक्षाकृत आसानी से उपलब्ध रखते हुए रिटर्न कमाना होता है। हालांकि, रिटर्न तय या गारंटीड नहीं होता।

Emergency Fund for Women How to Use Liquid Mutual Funds for Emergency Savings
महिलाओं के लिए जरूरी है इमरजेंसी फंड - फोटो : Adobestock

इमरजेंसी फंड में कैसे करें इस्तेमाल?
मान लीजिए किसी महिला का महीने का जरूरी खर्च 30 हजार रुपये है। अगर वह छह महीने का इमरजेंसी फंड बनाना चाहती है तो करीब 1.80 लाख रुपये अलग रखने का लक्ष्य बना सकती है। पूरी रकम एक ही जगह रखने के बजाय कुछ पैसा सेविंग अकाउंट में और बाकी रकम लिक्विड फंड में रखने पर विचार किया जा सकता है। ऐसे में रोजमर्रा की छोटी इमरजेंसी के लिए सेविंग अकाउंट का पैसा काम आ सकता है, जबकि बड़ी जरूरत के लिए लिक्विड फंड से यूनिट्स बेचकर पैसा निकाला जा सकता है। सामान्य तौर पर लिक्विड फंड से रिडेम्प्शन की सुविधा कारोबारी दिनों में मिलती है और कई मामलों में रकम अगले कारोबारी दिन बैंक खाते में पहुंच सकती है।

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Emergency Fund for Women How to Use Liquid Mutual Funds for Emergency Savings
महिलाओं के लिए जरूरी है इमरजेंसी फंड - फोटो : istock

क्या पैसा तुरंत मिल जाता है?
यह बात समझना बहुत जरूरी है। हर लिक्विड फंड में पैसा उसी समय बैंक खाते में आ जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ पात्र निवेशकों और योजनाओं में इंस्टेंट एक्सेस सुविधा उपलब्ध हो सकती है, जिसमें 50 हजार रुपये या फोलियो की 90 फीसदी रकम, जो भी कम हो, तक तत्काल निकासी की सीमा हो सकती है। लेकिन यह सुविधा हर योजना में जरूरी नहीं है।

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Emergency Fund for Women How to Use Liquid Mutual Funds for Emergency Savings
महिलाओं के लिए जरूरी है इमरजेंसी फंड - फोटो : अमर उजाला

एफडी से ज्यादा रिटर्न की गारंटी नहीं
लिक्विड फंड को सिर्फ इसलिए न चुनें कि इससे एफडी से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार की ब्याज दरों और फंड में मौजूद निवेश पर निर्भर करता है। दूसरी तरफ एफडी में बैंक पहले से ब्याज दर तय करता है। इसलिए इमरजेंसी फंड बनाते समय सबसे पहले सुरक्षा और पैसे की जरूरत के समय उपलब्धता देखें, सिर्फ ज्यादा रिटर्न नहीं। ध्यान रखें कि लिक्विड फंड भी म्यूचुअल फंड है और इसमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती। निवेश करने से पहले योजना के खर्च, निकासी के नियम, टैक्स और इंस्टेंट रिडेम्प्शन की सुविधा जरूर जांच लें।

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