शादी के बाद जिंदगी में कई बदलाव आते हैं। घर बदल सकता है, सरनेम बदल सकता है और कई बार पता भी बदल जाता है। ऐसे में जरूरी दस्तावेजों में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। अगर शादी के बाद नाम या पता बदल गया है तो समय रहते जरूरी रिकॉर्ड अपडेट करा लेना चाहिए। इससे आगे बैंकिंग, यात्रा, सरकारी काम या किसी दूसरे जरूरी काम में परेशानी कम होती है। तो आइए जानते हैं कि शादी के बाद आपको कौन से दस्तावेज अपडेट करा लेने चाहिए, जिससे कि आगे चलकर कोई परेशानी न हो।
शादी के बाद ये कागज अपडेट नहीं किए तो बाद में फंस सकता है जरूरी काम, संभालकर रखें ये लिस्ट
Documents to Update After Marriage: शादी के बाद सिर्फ घर-परिवार की जिम्मेदारियां ही नहीं बदलतीं, कई जरूरी दस्तावेजों में भी जानकारी अपडेट करनी पड़ सकती है। नाम, पता या पति-पत्नी से जुड़ी जानकारी बदलने पर आधार, पैन, बैंक अकाउंट, पासपोर्ट और दूसरे रिकॉर्ड चेक करना जरूरी है।
आधार में जानकारी चेक करें
शादी के बाद सबसे पहले आधार कार्ड की जानकारी चेक कर लें। अगर नाम या पता बदला है तो जरूरत के हिसाब से इसे अपडेट कराया जा सकता है। आधार में पता बदलने की जरूरत हो तो मान्य दस्तावेज के आधार पर अपडेट की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। हालांकि शादी के बाद सरनेम बदलना जरूरी नहीं है। अगर नाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है तो सिर्फ शादी होने की वजह से आधार अपडेट कराना जरूरी नहीं है।
पैन कार्ड को भी न भूलें
अगर शादी के बाद नाम में बदलाव किया है तो पैन कार्ड की जानकारी भी सही करानी चाहिए। खासकर बैंकिंग और टैक्स से जुड़े कामों में पैन की जानकारी सही होना जरूरी है। नाम बदलने की स्थिति में पैन रिकॉर्ड में भी बदलाव कराया जा सकता है।
बैंक अकाउंट की जानकारी करें अपडेट
शादी के बाद बैंक में अपनी जानकारी जरूर चेक करें। नाम या पता बदलने के साथ बैंक रिकॉर्ड में भी इसे अपडेट कराया जा सकता है। साथ ही जरूरत के हिसाब से नॉमिनी की जानकारी भी देख लें। अगर शादी के बाद जीवनसाथी को नॉमिनी बनाना चाहती हैं तो संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था के नियम के अनुसार यह बदलाव कराया जा सकता है।
अगर पासपोर्ट में दर्ज नाम या दूसरी जानकारी बदल गई है तो पासपोर्ट रिकॉर्ड को भी अपडेट कराने की जरूरत पड़ सकती है। इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस में पता या नाम बदलने की जरूरत हो तो संबंधित परिवहन विभाग की प्रक्रिया के तहत जानकारी अपडेट कराई जा सकती है।
बीमा और निवेश के कागज भी जांचें
शादी के बाद सिर्फ सरकारी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि बीमा पॉलिसी, म्यूचुअल फंड, पीएफ और दूसरे निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी चेक करें। खासकर नॉमिनी की जानकारी जरूर देख लें। कई जगह नॉमिनी बदलने की प्रक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए संबंधित संस्था के नियम के अनुसार बदलाव करें।
हर जगह नाम बदलना जरूरी नहीं
सबसे जरूरी बात यह है कि शादी के बाद हर महिला के लिए अपना सरनेम बदलना जरूरी नहीं है। अगर नाम वही रखा गया है तो सिर्फ शादी के कारण सभी दस्तावेजों में नाम बदलवाने की जरूरत नहीं होती। ऐसे में पहले यह तय करें कि किन जानकारियों में वास्तव में बदलाव हुआ है और फिर उन्हीं रिकॉर्ड को अपडेट कराएं।
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