Indian Railway Ticket Types: हमारे देश में अधिकतर लोगों के लिए भारतीय रेलवे सबसे सुलभ और किफायती सुविधा है। यही वजह है कि भारतीय रेल को देश का लाइफलाइन भी कहा जाता है। हम सभी जानते हैं कि ट्रेन से यात्रा करने के लिए पहले से ही रिजर्वेशन करना होता है। लेकिन कई बार आखिरी समय में यात्रा की योजना बनती है, और तब अधिकतर लोग तत्काल टिकट कराते हैं। बहुत से लोग प्रीमियम तत्काल या करंट टिकट भी करता हैं। हालांकि, इन तीनों तरह के टिकट रिजर्वेशन में कॉमन पॉइंट यह है कि ये तीनों आखिरी समय में यात्रा के लिए डिजाइन किए गए हैं। मगर इन तीनों तरह के टिकट को कराने की प्रक्रिया अलग है साथ ही इनके किराए में अंतर है। आइए इस लेख में इन्हीं तीनों टिकट सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।
जानना जरूरी: ट्रेन के तत्काल, प्रीमियम तत्काल और करंट टिकट में क्या है अंतर? जानें किसका किराया है सबसे कम
ट्रेन के रिजर्वेशन कोच में यात्रा करने के लिए पहले से टिकट बुक करनी होती है। ऐसे में अगर अचानक यात्रा की योजना बनती है तो आप तत्काल, प्रीमियम तत्काल और करंट टिकट करा सकते हैं। आइए इस लेख में इन्हीं तीनों के बारे में जानते हैं।
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तत्काल टिकट क्या है?
तत्काल टिकट यात्रा की तारीख से एक दिन पहले बुक किया जा सकता है। एसी क्लास के लिए बुकिंग सुबह 10 बजे और नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11 बजे शुरू होती है। तत्काल टिकट का किराया सामान्य टिकट के बेसिक किराए पर आधारित होता है, जिसमें अतिरिक्त तत्काल शुल्क जोड़ा जाता है। यह शुल्क दूसरी सीटिंग के लिए 10% और अन्य क्लासेज (जैसे स्लीपर, एसी-3, एसी-2) के लिए 30% तक हो सकता है, जिसके लिए न्यूनतम और अधिकतम सीमा तय है। उदाहरण के लिए, स्लीपर क्लास में न्यूनतम 100 रुपये और अधिकतम 200 रुपये तत्काल शुल्क है। तत्काल टिकट ऑनलाइन और रेलवे काउंटर दोनों जगह उपलब्ध होते हैं। इसमें आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) और वेटिंग लिस्ट की सुविधा भी होती है।
प्रीमियम तत्काल की शुरुआत 2014 में हुई थी, और यह तत्काल का एक एडवांस वर्जन है। यह केवल ऑनलाइन वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसमें डायनामिक चार्ज लगता है, यानी किराया डिमांड के आधार पर बढ़ता है। अगर टिकट की डिमांड ज्यादा है, तो किराया सामान्य तत्काल से दोगुना या उससे भी ज्यादा हो सकता है। न्यूनतम किराया बेसिक किराया प्लस तत्काल शुल्क (10-30%) है, लेकिन अधिकतम सीमा 30% बेसिक किराए या 400 रुपये (जो भी ज्यादा हो) तक हो सकती है। प्रीमियम तत्काल में केवल कन्फर्म टिकट मिलते हैं, इसमें आरएसी या वेटिंग लिस्ट का ऑप्शन नहीं होता है।
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रेलवे का करंट टिकट वह टिकट है, जो यात्रा के दिन ही बुक किया जाता है। करंट टिकट का विंडो पहला चार्ट जारी होने के बाद खुलता है। आमतौर पर ट्रेन के डिपार्चर समय से चार घंटे पहले करंट टिकट की बुकिंग शुरू होती है। इससे एक बात तो स्पष्ट है कि करंट टिकट की बुकिंग यात्रा करने वाले दिन ही बुक करनी होती है। करंट टिकट की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है। इस टिकट की सबसे बड़ी डिमेरिट ये है कि खाली सीटों की उपलब्धता की कोई गारंटी नहीं होती है, ट्रेन भर जाने की स्थिति में टिकट नहीं भी मिलती है।
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किराए की तुलना करें तो करंट टिकट सबसे सस्ता है, क्योंकि इसमें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, और यह बेसिक किराए पर आधारित होता है। उदाहरण के लिए, अगर दिल्ली से लखनऊ के लिए स्लीपर क्लास का सामान्य किराया 350 रुपये है, तो करंट टिकट भी उसी के आसपास होगा। तत्काल टिकट का किराया इस बेसिक किराए में 100-200 रुपये अतिरिक्त शुल्क जोड़कर आएगा, यानी लगभग 450-550 रुपये हो सकते हैं। वहीं, प्रीमियम तत्काल का किराया डिमांड के आधार पर 700 रुपये से 1000 रुपये या उससे ज्यादा भी हो सकता है।