Indian Railway: भारतीय रेलवे में टिकट बुकिंग के दौरान अक्सर यात्रियों को वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है। खासकर त्योहार के मौसम या छुट्टियों के समय टिकट की मांग बढ़ने पर वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है। अक्सर देखने को मिलता है कि ट्रेन में जब कंफर्म सीट नहीं होती है, ऐसे में टिकट बुक करने के बाद उस पर GNWL, PQWL, RQWL RLWL लिखा आ जाता है। दरअसल, वेटिंग लिस्ट के कई प्रकार होते हैं, जैसे RQWL, RLWL, PQWL और GNWL ऐसे में हर यात्री यह जानना चाहता है कि इनमें से कौन सी वेटिंग लिस्ट की टिकट सबसे पहले कंफर्म होती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि इन चारों का क्या अर्थ है, और इनमें से कौन सा पहले कंफर्म होता है?
ट्रेन टिकट पर RQWL/RLWL/PQWL/GNWL का क्या है मतलब? जानें कौन सी वेटिंग पहले होती है कंफर्म
ट्रेन में जब हम टिकट बुक करते हैं तो अक्सर वेटिंग लिस्ट देखने को मिलता है। ये वेटिंग लिस्ट कई तरह का हो सकता है, जैसे- GNWL, RLWL, PQWL, RQWL। आइए इन सभी के बारे में इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
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1. GNWL (जनरल वेटिंग लिस्ट)
जनरल वेटिंग लिस्ट सबसे आम और सबसे ज्यादा प्राथमिकता वाली वेटिंग लिस्ट है। यह उन यात्रियों को दी जाती है, जो ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से या उसके नजदीकी स्टेशन से यात्रा शुरू करते हैं और गंतव्य स्टेशन या उसके करीब तक जाते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई यात्री दिल्ली से मुंबई की पूरी यात्रा के लिए टिकट बुक करता है, तो उसे GNWL मिल सकती है। इस लिस्ट की टिकटों के कंफर्म होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है, क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा सीटें आवंटित होती हैं। अगर GNWL/10 है, तो इसका मतलब है कि 10 यात्रियों के टिकट रद्द होने पर आपका टिकट कंफर्म हो सकता है।
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2. RLWL (रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट)
रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट उन यात्रियों के लिए होती है, जो ट्रेन के रास्ते में किसी महत्वपूर्ण मध्यवर्ती स्टेशन से यात्रा शुरू करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई यात्री दिल्ली-कोलकाता ट्रेन में लखनऊ से चढ़ता है, तो उसे RLWL मिल सकती है। इस लिस्ट की टिकटें GNWL की तुलना में कम प्राथमिकता पर कंफर्म होती हैं, क्योंकि बीच के स्टेशनों के लिए सीटों का कोटा सीमित होता है। RLWL की टिकट तभी कंफर्म होती है, जब शुरुआती स्टेशन से गंतव्य तक की बुकिंग रद्द हो या कोई यात्री उस स्टेशन पर उतर जाए।
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3. PQWL (पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट)
पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट उन यात्रियों के लिए होती है, जो ट्रेन के शुरुआती और अंतिम स्टेशन के बीच छोटे-छोटे मध्यवर्ती स्टेशनों के लिए टिकट बुक करते हैं। यह कोटा कई छोटे स्टेशनों के बीच साझा होता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई यात्री दिल्ली-मुंबई ट्रेन में आगरा से भोपाल तक की यात्रा के लिए टिकट बुक करता है, तो उसे PQWL मिल सकती है। इस लिस्ट की टिकटों के कंफर्म होने की संभावना RLWL से भी कम होती है, क्योंकि पूल्ड कोटा में सीटें सीमित होती हैं।
रिक्वेस्ट वेटिंग लिस्ट सबसे कम प्राथमिकता वाली लिस्ट है। यह तब दी जाती है, जब टिकट किसी मध्यवर्ती स्टेशन से दूसरे मध्यवर्ती स्टेशन के लिए बुक किया जाता है, और वह जनरल, रिमोट लोकेशन या पूल्ड कोटा में शामिल नहीं होता। RQWL की टिकट तभी कंफर्म होती है, जब उसी रूट के लिए कोई कंफर्म टिकट रद्द हो। इसकी कंफर्मेशन की संभावना सबसे कम होती है।
कौन सी लिस्ट सबसे पहले कंफर्म होती है?
इन सभी वेटिंग लिस्ट में GNWL की टिकट सबसे पहले कंफर्म होती है, क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा सीटें उपलब्ध होती हैं और यह मुख्य रूट के लिए होती है। इसके बाद RLWL, फिर PQWL और सबसे आखिर में RQWL का नंबर आता है।