How To File Case in Labour Court India: अगर कोई कंपनी या संस्थान आपसे काम कराने के बाद आपकी मेहनत की कमाई यानी सैलरी देने से मना कर दे या महीनों तक अटकाकर रखे, तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय श्रम कानून के तहत हर कर्मचारी को समय पर पूरा वेतन पाने का कानूनी अधिकार है।
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कंपनी ने रोक ली आपकी तनख्वाह? जानिए लेबर कोर्ट में शिकायत करने का सही तरीका
Mon, 21 Sep 2026 06:28 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Mon, 21 Sep 2026 06:28 PM IST
सार
Company Withheld Salary Complaint Process: अक्सर ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जहां कंपनियां अपने कर्मचारी की सैलरी नहीं जारी करती हैं, ऐसे में कर्मचारी के दिमाग सबसे पहले यही सवाल होता है आखिर वो इसकी शिकायत कैसे कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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कंपनी ने रोकी सैलरी शिकायत
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सबसे पहले कंपनी को भेजें लीगल नोटिस
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सबसे पहले कंपनी को भेजें लीगल नोटिस
- लेबर कोर्ट जाने से पहले आपको अपनी कंपनी को एक औपचारिक लीगल नोटिस भेजना चाहिए।
- इसमें आपको अपनी जॉइनिंग की तारीख, रुकी हुई सैलरी का पूरा विवरण और बकाया भुगतान के लिए 15 दिनों का समय देना होता है।
- कई बार लीगल नोटिस मिलने के बाद ही कंपनियां कानूनी कार्रवाई के डर से बकाया पैसे का भुगतान कर देती हैं।
श्रम आयुक्त के पास करें शिकायत
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श्रम आयुक्त के पास करें शिकायत
- अगर लीगल नोटिस का जवाब न मिले या कंपनी पैसे देने से मना कर दे, तो आप जिले के लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- इसके अलावा आप श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 'समाधान' पर ऑनलाइन शिकायत भी कर सकते हैं।
- इसके बाद लेबर ऑफिसर कंपनी और आपके बीच मध्यस्थता कराकर मामला सुलझाने की कोशिश करता है।
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लेबर कोर्ट में केस दर्ज कराने की प्रक्रिया
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लेबर कोर्ट में केस दर्ज कराने की प्रक्रिया
- अगर मध्यस्थता के बाद भी कंपनी सैलरी नहीं देती है, तो मामले को लेबर कोर्ट भेज दिया जाता है।
- आप वेतन भुगतान अधिनियम या औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत कोर्ट में अर्जी लगा सकते हैं।
- लेबर कोर्ट में केस दर्ज करने के लिए आपको बहुत ज्यादा भारी-भरकम फीस देने की जरूरत नहीं पड़ती है।
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शिकायत दर्ज कराते समय जरूर रखें ये दस्तावेज
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शिकायत दर्ज कराते समय अपने पास जरूर रखें ये दस्तावेज
- कोर्ट या लेबर कमिश्नर के पास अपनी बात साबित करने के लिए कुछ दस्तावेजी सबूत बेहद जरूरी होते हैं।
- अपने पास ऑफर लेटर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, अटेंडेंस रिकॉर्ड और सैलरी मांगने से जुड़े ईमेल या व्हाट्सएप चैट की कॉपी जरूर सुरक्षित रखें।
- इन पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट कंपनी को ब्याज सहित आपकी पूरी सैलरी देने का आदेश दे सकता है।