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8th Pay Commission: What is Fitment Factor and Why is it in News Regarding 8th Pay Commission
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8th Pay Commission: क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? जानें आठवें वेतन आयोग को लेकर क्यों बढ़ गई है इसकी चर्चा
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Fri, 26 Jun 2026 07:27 PM IST
सार
What is Fitment Factor?: आठवां वेतन आयोग का चर्चाएं इन दिनों काफी तेज हो गई हैं, वेतन आयोग की टीम अलग-अलग राज्यों का दौरा कर कर्मचारी संगठनों और यूनियनों साथ आमने-सामने बातचीत कर रही है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई सवाल हैं। आइए इस लेख में इसी का जवाब जानते हैं।
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8th Pay Commission India
- फोटो : AI
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What is Fitment Factor?: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 'आठवां वेतन आयोग' इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। जब भी नए वेतन आयोग की बात आती है, तो एक तकनीकी शब्द 'फिटमेंट फैक्टर' बार-बार सामने आता है। बहुत से आम कर्मचारी इस शब्द का असली मतलब और इसके पीछे का गणित नहीं समझ पाते हैं।
सरल शब्दों में कहें तो फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला या गुणांक है जिसके आधार पर सभी केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पुरानी पेंशन में एक साथ बंपर बढ़ोतरी तय की जाती है। आइए इस लेख में समझते हैं कि यह कैसे काम करता है और इस बार इसे लेकर क्यों उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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क्या है फिटमेंट फैक्टर और इसका सीधा गणित?
- फोटो : AdobeStock
क्या है फिटमेंट फैक्टर और इसका सीधा गणित?
फिटमेंट फैक्टर एक तय नंबर (गुणांक) होता है, जिसे कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी (मूल वेतन) से गुणा किया जाता है।
उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 तय किया गया था, जिससे कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से सीधे बढ़कर ₹18,000 हो गई थी।
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8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ोतरी की है मांग
- फोटो : AdobeStock
8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ोतरी की है मांग
केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि महंगाई और जीवन स्तर को देखते हुए 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 किया जाना चाहिए।
अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से सीधे बढ़कर 66,240 रुपये प्रति महीने हो जाएगी।
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सैलरी के साथ भत्तों पर भी पड़ता है इसका असर
- फोटो : AdobeStock
सैलरी के साथ भत्तों पर भी पड़ता है इसका असर
फिटमेंट फैक्टर के बढ़ते ही सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं बढ़ती, बल्कि इसके साथ जुड़े अन्य सभी सरकारी भत्ते जैसे महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस और ट्रैवल अलाउंस भी अपने आप बढ़ जाते हैं।
इससे कर्मचारियों की कुल इन-हैंड सैलरी में भारी इजाफा होता है।
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पेंशनभोगियों को भी मिलता है इसका पूरा लाभ
- फोटो : AdobeStock
पेंशनभोगियों को भी मिलता है इसका पूरा लाभ
फिटमेंट फैक्टर का फायदा सिर्फ नौकरी कर रहे मौजूदा कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के लाखों रिटायर्ड पेंशनभोगियों को भी मिलता है।
इस फॉर्मूले के लागू होते ही उनकी बेसिक पेंशन में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी हो जाती है, जिससे बुढ़ापे में बढ़ती महंगाई से बड़ी राहत मिलती है।
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