AC vs Cooler: बारिश में एसी चलाएं या कूलर? जानें चिपचिपी गर्मी में कौन बेहतर, किसमें कम आएगा बिजली बिल
Monsoon Home Appliances:
हर साल मानसून की शुरुआत होते ही लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है, क्या अब AC चलाया जाए या कूलर का इस्तेमाल किया जाए? गर्मियों में जहां AC राहत देता है, वहीं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए कूलर एक किफायती विकल्प माना जाता है, लेकिन जिन घरों में AC और कूलर दोनों मौजूद हैं, उनके लिए बारिश के मौसम में सही विकल्प कौन-सा है? आपने भी शायद गौर किया होगा कि मानसून में कूलर पहले जैसी ठंडक नहीं देता, जबकि ससी अधिक प्रभावी महसूस होता है।आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या ज्यादा बिजली खर्च करने वाला AC ही इस मौसम के लिए बेहतर विकल्प है? आइए जानते हैं बारिश के मौसम में किसे चलाना ज्यादा समझदारी होगी।

Monsoon Cooling Tips:
जहां एक तरफ मानसून गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी तरह चिपचिपी ह्ययूमिडिटी यानी नमी महसूस होने लगती है। ऐसे में लोग असमंजस में फंस जाते हैं कि कूलर का इस्तेमाल जारी रखें या एसी अभी चलाएं। अधिकतर लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में कूलर चलाने से कमरा ठंडा होने के बजाय और ज्यादा उमस भरा हो जाता है। तो ऐसा क्यों होता है?आइए जानते हैं मानसून में एसी और कूलर के काम करने का पूरा तरीका, उनका बिजली खर्च और रखरखाव से जुड़ी जरूरी बाते...

मानसून आते ही क्यों बदल जाता है कूलिंग का तरीका?
बारिश के मौसम पर तापमान थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन हवा में नमी तेजी से बढ़ जाती है। कई बार तो यह 70 से 90 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। ऐसे में एसी और कूलर अलग-अलग तरीके से काम करते हैं, इसलिए उनका असर भी अलग होता है।

मानसून में एसी कैसे काम करता है?
एयर कंडीशनर रेफ्रिजरेशन साइकिल पर काम करता है। इसमें कंप्रेसर रेफ्रिजरेंट कों ठंडा करने का काम करता है और कमरे को ठंडी हवा कॉइल्स से गुजरती है। जब हवा का तापमान Dew Point से नीचे पहुंचता है, तो उसमें मौजूद नमी पानी की बूंदों में बदलकर बाहर निकल जाती है।यही वजह है कि एसी केवल कमरे को ठंडा ही नहीं, बल्कि हवा का नमी भी कम करने का काम करता है। आमतौर पर यह कमरे की नमी को 40 से 50 प्रतिशत तक बनाए रखने में मदद करता है, जिससे चिपचिपाहट कम महसूस होती है और फफूंद बनने का खतरा भी घटता है।