5G के चक्कर में ना करें ये पांच गलती, इतना महंगा पड़ेगा कि खाता भी खाली हो सकता है

भारत में एक अक्तूबर से 5G नेटवर्क को रोलआउट कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान से 5G नेटवर्क लॉन्च करने की घोषणा की। एयरटेल और रिलायंस जियो दोनों ने ही चुनिंदा शहरों में 5G रोलआउट शुरू कर दिया है और 2024 तक पूरे देश को कवर करने की संभावना है। हालांकि, घोषणा के कुछ ही दिनों बाद साइबर फ्रॉड भी एक्टिव हो गए हैं। 5G के नाम पर विभिन्न राज्यों के कई यूजर्स धोखाधड़ी के शिकार भी हुए हैं। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है कि आप अपने फोन पर 5G सेवाएं कैसे प्राप्त कर सकते हैं और कैसे नहीं प्राप्त कर सकते हैं। 5G से संबंधित फ्रॉड से बचने के लिए ये पांच गलतियां भूल कर भी ना करें। चलिए जानते हैं इन गलतियों के बारे में...

स्कैमर यूजर्स को एसएमएस, व्हाट्सएप और ईमेल पर भेजे गए लिंक के माध्यम से अपने फोन को 5G के लिए अपडेट करने का वादा कर रहे हैं। जबकि ये लिंक मैलवेयर से भरे होते हैं और इसके जरिए स्कैमर आपके निजी डाटा की चोरी करते हैं। आपके सिम कार्ड को 4 जी से 5 जी में अपग्रेड करने के लिए इस तरह के किसी भी लिंक पर क्लिक ना करें।

जान लें कि आपके फोन में रिमोटली 5G को एक्टिव नहीं किया जा सकता है। इस प्रकार का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी और ओटीपी शेयर न करें। 5G सेवाओं के लिए केवल अपने दूरसंचार सेवा प्रदाता के आधिकारिक एप पर भरोसा करें। ऐसा कोई भी एप डाउनलोड ना करें जो आपके फोन में 5जी सक्षम करने का वादा करता हो।