दुनिया की पहली 6G चिप: 100 Gbps की स्पीड में होगा फाइल ट्रांसफर, 5000 गुना तेज चलेगा इंटरनेट
World's First All Frequency 6G Chip:
चीन की बीजिंग और हांगकांग विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों ने दुनिया की पहली ऑल-फ्रीक्वेंसी 6G चिप तैयार कर ली है। नाखून से भी छोटी इस चिप से इंटरनेट की रफ्तार 100 गीगाबिट (GB) प्रति सेकंड तक पहुंच जाएगी।

दुनिया अभी 5G नेटवर्क का पूरा इस्तेमाल करना भी शुरू नहीं कर पाई है और वैज्ञानिकों ने 6G चिप पेश करके भविष्य की दिशा तय कर दी है। दावा है कि यह तकनीक इंटरनेट को बिजली से भी तेज बना देगी। इस मिनी चिप के आने से न सिर्फ अल्ट्रा-हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर संभव होगा बल्कि नेटवर्क का रेस्पॉन्स टाइम भी बेहद कम हो जाएगा। इसका मतलब है कि रीयल-टाइम कम्युनिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंटीग्रेशन और भी आसान हो जाएगा।

नाखून से भी छोटा मगर ताकतवर
चीन की बीजिंग यूनिवर्सिटी और हॉन्गकॉन्ग यूनिवर्सिटी की साझेदारी में तैयार इस 6जी चिप की टेस्टिंग चल रही है। यह 6G चिप आकार में नाखून से भी छोटा है लेकिन इसकी क्षमता हैरान करने वाली है। यह 0.5 गीगाहर्ट्ज से लेकर 115 गीगाहर्ट्ज तक की फ्रीक्वेंसी रेंज को सपोर्ट करता है। आमतौर पर इतने बड़े स्पेक्ट्रम को संभालने के लिए नौ अलग-अलग रेडियो सिस्टम की जरूरत होती है, मगर इस चिप ने सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर समेट लिया है।

कैसे काम करती है यह तकनीक
इस तकनीक को बनाने के लिए थिन-फिल्म लिथियम निओबेट (TFLN) नामक विशेष पदार्थ का इस्तेमाल किया गया है। इसमें ब्रॉडबैंड इलेक्ट्रो-ऑप्टिक मॉड्युलेटर वायरलेस सिग्नल को ऑप्टिकल सिग्नल में बदलता है और फिर ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक ऑसिलेटर्स इन्हें आवश्यक रेडियो फ्रीक्वेंसी में बदल देते हैं। इस प्रक्रिया से बिजली और प्रकाश की मदद से स्थिर और साफ सिग्नल तैयार होता है, जो माइक्रोवेव से लेकर टेराहर्ट्ज तक की तरंगों को कवर करता है।