Tech Explained: कम मेगापिक्सल में भी Action Camera कैसे करते हैं कमाल, जानिए क्यों मात खा जाते हैं स्मार्टफोन

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 30 Oct 2025 01:09 PM IST
सार

Smartphone Vs Action Camera:

स्मार्टफोन कैमरे जहां आज 200 मेगापिक्सल तक पहुंच गए हैं, वहीं, आउटडोर एक्शन कैमरों अब भी 12-20 मेगापिक्सल के सेंसर के साथ शानदार फोटो देते हैं। आइए जानते हैं कि कैसे कम मेगापिक्सल वाले एक्शन कैमरा ज्यादा क्वालिटी दे पाते हैं।

विज्ञापन
why action cameras have better photo quality than high megapixel smartphones
एक्शन कैमरा - फोटो : AI

    आज के दौर में स्मार्टफोन कंपनियां 108MP और 200MP कैमरा लेंस को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताती हैं। ऐसे में भी GoPro और Insta360 जैसे एक्शन कैमरे महज 12 से 20 मेगापिक्सल में वो कमाल कर दिखाते हैं जो महंगे स्मार्टफोन के भी नहीं कर पाते। इसका जवाब केवल मेगापिक्सल में नहीं, बल्कि कैमरे की टेक्नॉलॉजी, लेंस क्वालिटी, और सेंसिंग क्षमता में छिपा है। आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं...

    एक्शन कैमरा
    एक्शन कैमरा - फोटो : AI

    मेगापिक्सल सब कुछ नहीं होता

    ज्यादा मेगापिक्सल का मतलब केवल ज्यादा रेजोल्यूशन होता है, यानी फोटो में ज्यादा डिटेल्स। लेकिन अगर सेंसर छोटा या अच्छी क्वालिटी का नहीं है, तो ज्यादा मेगापिक्सल होने के बावजूद नॉइज और लो-लाइट परफॉर्मेंस कमजोर रहती है। एक्शन कैमरे जैसे GoPro या Insta360 में मेगापिक्सल केवल 12MP से 20MP तक होते हैं, लेकिन उनके सेंसर और लेंस प्रोफेशनल ग्रेड के होते हैं, जो हर पिक्सल से ज्यादा जानकारी (लाइट और कलर डिटेल) कैप्चर कर लेते हैं।

    सेंसर की क्वालिटी और बड़ा साइज
    सेंसर की क्वालिटी और बड़ा साइज - फोटो : AI

    सेंसर की क्वालिटी और बड़ा साइज

    एक्शन कैमरों में इस्तेमाल होने वाले सेंसर बड़े और ज्यादा लाइट-सेंसिटिव होते हैं, जो कम रोशनी या तेज मूवमेंट में भी साफ और शार्प फोटो देते हैं। वहीं स्मार्टफोन कैमरे भले ही ज्यादा मेगापिक्सल वाले हों, लेकिन उनके सेंसर छोटे होने की वजह से कम रोशनी में फोटो डल या ग्रेनी दिखाई दे सकती है।

    विज्ञापन
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें