जानकारी: स्मार्टफोन के पांच अहम सेंसर, जानें कैसे करते हैं ये काम

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 24 Aug 2021 05:01 PM IST
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smartphone sensors - फोटो : mathworks.com

    आप जब अपने स्मार्टफोन पर किसी से बात करते हैं तो स्क्रीन की लाइट अपने आप बंद हो जाती है, जब आप ऑटो रोटेशन ऑन करके फोन को लैंडस्केप से पोट्रेट या पोट्रेट से लैंडस्केप मोड में रोटेट करते हैं तो स्क्रीन का आस्पेक्ट रेशियो भी बदल जाता है। क्या आपने सोचा है कि ऐसा कैसे होता है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट में यदि कोई काम अपने आप हो जाता है, तो उसमें सेंसर का हाथ होता है। आजकल के स्मार्टफोन कई सारे सेंसर के साथ लॉन्च हो रहे हैं और आज की इस रिपोर्ट में हम स्मार्टफोन के कुछ महत्वपूर्ण सेंसर्स के बारे में ही बात करेंगे...

    proximity sensor
    proximity sensor - फोटो : iit delhi

    प्रोक्सिमिटी सेंसर-

    जब कोई वस्तु स्मार्टफोन के समीप होती है, तो यह सेंसर उसकी मौजूदगी का पता लगा लेता है। यह सेंसर मुख्य रूप से स्मार्टफोन के ऊपरी हिस्से में फ्रंट कैमरे के पास लगा होता है। आमतौर पर जब आप कॉल आने या कॉल करने के लिए स्मार्टफोन को कान के पास ले जाते हैं, तो यह सेंसर स्मार्टफोन के डिस्प्ले की लाइट को स्वत: ऑफ कर देता है।

    gyroscope
    gyroscope - फोटो : Researchgate

    एक्सीलरोमीटर और जाइरोस्कोप सेंसर-

    यह सेंसर मुख्य रूप से स्मार्टफोन किस दिशा में घूमा हुआ है, उसके बारे में बताता है। जब भी हम कोई वीडियो स्मार्टफोन में देख रहे होते हैं, तो उसे पोर्ट्रेट मोड की जगह लैंडस्केप मोड में देखना पसंद करते हैं, जिससे कि वीडियो फुल स्क्रीन पर देख सकें। इसके लिए जैसे ही हम स्मार्टफोन को लैंडस्केप मोड में घुमाते हैं, फोन में चल रहे वीडियो का ओरिएंटेशन भी लैंडस्केप हो जाता है। इसे एक्सीलरोमीटर और जाइरोस्कोप सेंसर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि स्मार्टफोन में रोटेशन के लिए दो सेंसर्स की जरूरत होती है, जिसमें एक्सीलरोमीटर इसके रेखीय त्वरण को और जाइरोस्कोप इसके घूर्णी कोण की गति को नियंत्रित करता है।

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