Satellites: अब अंतरिक्ष में भी ट्रैफिक जाम! सैटेलाइट बने सिरदर्द, बचने के लिए Elon Musk बना रहे दूसरा रास्ता
Starlink To Lower Satellites: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। साल 2026 में स्टारलिंक के हजारों सैटेलाइट्स की कक्षा (Orbit) को नीचे किया जाएगा। इसका मुख्य मकसद अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे और आपस में टकराने के खतरों को कम करना है।

स्पेसएक्स (SpaceX) की इंटरनेट सेवा स्टारलिंक (Starlink) अब अंतरिक्ष में अपनी जगह बदलने की तैयारी कर रही है। साल 2026 के दौरान, कंपनी अपने उन हजारों सैटेलाइट्स की ऊंचाई घटाएगी जो फिलहाल धरती से लगभग 550 किलोमीटर (342 मील) ऊपर चक्कर काट रहे हैं। इन्हें नीचे लाकर लगभग 480 किलोमीटर (298 मील) की सुरक्षित ऊंचाई पर तैनात किया जाएगा। स्पेसएक्स के इंजीनियरिंग वाइस प्रेसिडेंट माइकल निकोल्स ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया इसी साल यानी 2026 के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

क्या है पूरा मामला?
अंतरिक्ष अब पहले जैसा खाली नहीं रहा। इंटरनेट, संचार और निगरानी के लिए दुनिया भर की कंपनियां और सरकारें लगातार सैटेलाइट्स लॉन्च कर रही हैं। इसकी वजह से लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भीड़ बहुत बढ़ गई है। हाल ही में दिसंबर 2025 में एक स्टारलिंक सैटेलाइट में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण धमाका हुआ था, जिससे अंतरिक्ष में मलबा फैल गया। इस घटना के बाद स्पेस सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। अब तक स्टारलिंक अकेले ही करीब 10,000 सैटेलाइट्स तैनात कर चुका है।

ऊंचाई घटाने के बड़े फायदे
कंपनी का कहना है कि कम ऊंचाई पर सैटेलाइट्स रखने से टकराव की आशंका कम होगी, क्योंकि 500 किलोमीटर से नीचे मलबे और सैटेलाइट्स की संख्या तुलनात्मक रूप से कम हैं। इसके अलावा, जब सैटेलाइट्स अपनी सेवा अवधि पूरी कर लेंगे, तो वे वायुमंडलीय घर्षण के कारण जल्दी जलकर खत्म हो जाएंगे और वर्षों तक बेकार हालत में ऑर्बिट में नहीं घूमते रहेंगे।