69वां गणतंत्र दिवस: 2 साल से अपडेट के इंतजार में कई महिला सुरक्षा Apps

देश 69वें गणतंत्र दिवस की तैयारी में है। इन 69 सालों में देश की सुरक्षा के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी कई कदम उठाए लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा की चर्चा कुछ ज्यादा ही है। वैसे मोदी सरकार ने महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े वादे भी किए और समय-समय पर उनकी पार्टी के नेताओं ने भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वैसे तो पूरे देश की बात बाद में है। देश की राजधानी नई दिल्ली ही महिलाओं की सुरक्षा में फिसड्डी है। पिछले साल नवंबर में प्लान इंडिया की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली 28वें नंबर पर है। खैर, आज हम केवल मोदी सरकार के टेक्नोलॉजी स्तर पर बात करेंगे, क्योंकि मोदी सरकार युवाओं को टेक्नोफ्रेंडली बनाने के लिए जोर आजमाइश कर रही है। आज हम जानेंगे कि मोदी ने सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा में कितने मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं और वे ऐप कितने कारगर हैं?

Himmat
सबसे पहले हम हिम्मत ऐप की बात करें तो इस ऐप को साल 2015 में गृह मंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली पुलिस ने लॉन्च किया था। इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद नाम, फोन नंबर और इमरजेंसी नंबर को डालकर एक्टिवेट किया जा सकता है। की जानकारी डालते ही कुछ ही मिनटों में ये एक्टिवेट हो जाता है। इसमें यह भी फीचर है कि इमरजेंसी के दौरान फोन को जोर से हिलाकर या ऐप में दिया हुआ एसओएस बटन दबाते ही सूचना सीधे दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में जाती है, जहां से कई और जगहों पर अलर्ट हो जाता है और मदद आप तक पहुंच जाती है। इसमें कंट्रोल रूम को हर 10 सेकेंड में अपडेट मिलता है। इस ऐप के प्ले-स्टोर पर अभी तक 10,000-50,000 डाउनलोड्स हैं।

Raksha Help in Need
इस ऐप को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने 2014 में लॉन्च किया था लेकिन इसकी स्थिति बहुत खराब है। इसे अभी तक 5000 से ही डाउनलोड किया गया है। 2014 के बाद इस ऐप को अपडेट भी नहीं किया गया है। इसमें पुलिस को कॉल करने के लिए बटन, इमरजेंसी कॉलिंग, लोकेशन शेयरिंग और मैसेज भेजने की सुविधा है। इंटरनेट ना होने की स्थिति में भी यह ऐप मैसेज भेज सकता है।