Budget 2023: GST में बदलाव चाहता है मेक इन इंडिया अभियान, बजट से क्या हैं भारतीय टेक सीईओ की उम्मीदें?

प्रदीप पाण्डेय
Mon, 30 Jan 2023 11:47 AM IST
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Pre Budget 2023 Tech Industry Expectations From the Government What Indian Tech Ceos Say
Pre budget quote 2023 - फोटो : अमर उजाला

    वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट 1 फरवरी 2023 को पेश होगा। नए वित्त वर्ष को लेकर देश की जनता और बाजार को काफी उम्मीदें हैं। पुराने बजट से किसी को नाराजगी है तो किसी को आगामी बजट को लेकर बेहतर की आस लगी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह पांचवा बजट होगा और नरेंद्र मोदी सरकार का यह 11वां बजट होगा। भारत तेजी से मैन्यूफैक्चरिंग हब बन रहा है और इसमें भारतीय कंपनियां बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। स्मार्ट टीवी, ईयरबड्स, मोबाइल निर्माण आदि के क्षेत्र में भारतीय कंपनियां विदेशी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही हैं। स्मार्टवॉच और ऑडियो सेगमेंट में तो घरेलू ब्रांड ने बाहरी कंपनियों को पीछे ही छोड़ दिया है।आगामी बजट 2023 को लेकर अमर उजाला ने कुछ भारतीय टेक कंपनियों के सीईओ से बात की है। आइए जानते हैं कि भारतीय टेक कंपनियों के सीईओ बजट को लेकर क्या सोचते हैं...

    Avneet Singh Marwah
    Avneet Singh Marwah - फोटो : अमर उजाला

    अवनीत सिंह मारवाह, CEO SPPL

    सरकार को वास्तव में कर प्रारूप में बदलाव करने की आवश्यकता है जिसमें कम से कम 40 इंच तक के टीवी के लिए जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत में बदलना शामिल है। सरकार को ओपन सेल के आयात पर 5 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगाने का फैसला वापस लेना चाहिए। इसके अलावा एलईडी टीवी को पीएलआई योजना में शामिल किया जाना चाहिए। अधिक निवेश करने की योजना बनाते समय उद्यमियों और उद्योग को सुरक्षित महसूस करना चाहिए। भारतीय निर्माताओं ने महामारी के दौरान भी अर्थव्यवस्था को सहारा देने की पूरी कोशिश की है।

    अमित खत्री (Noise)
    अमित खत्री (Noise) - फोटो : अमर उजाला

    अमित खत्री, को-फाउंडर, Noise

    भारत विश्व स्तर पर सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है, जिसका मुख्य कारण देश में व्याप्त उद्यमशीलता की भावना और वैश्विक विपरीत परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयास हैं। अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब भारत होने जा रहा है। भारत सरकार की पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना गेम चेंजर साबित हो रही है। पीएलआई स्किम से मेक इन इंडिया को काफी बल मिल रहा है। बजट 2023 से भी यही उम्मीद है कि इस तरह की अन्य योजनाएं शुरू हों जिससे मेक इंडिया को बढ़ावा मिले। इस तरह की स्किम से घरेलू ब्रांड को काफी मदद मिलती है।

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