Power Bank Apps: चार महीने में ठगों ने कैसे उड़ाए 250 करोड़, आपके लिए जानना है बहुत जरूरी

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान भारत में हजारों मोबाइल एप ऐसे एक्टिव हो गए थे जो महज कुछ मिनटों में लोगों को मनचाहा लोन दे रहे थ। बाद में खुलासा हुआ कि ये सभी एप चाइनीज हैं और लोन की वसूली के लिए लोगों से ब्लैकमेल किया जा रहा है। इन चाइनीज एप्स ने कई लोगों को इस कदर ब्लैकमेल किया, उन्होंने आत्महत्या तक कर ली। इन एप्स के बैन होने के बाद भारत में कुछ और एप्स आ गए हैं जिनमें से एक एप का नाम पावर बैंक (Power bank) है। इस पावर बैंक एप ने महज चार महीने में 250 करोड़ रुपये उड़ाए हैं। उत्तराखंड की पुलिस ने इस ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़ किया है। शुरुआती जांच में कहा जा रहा है कि पावर बैंक एप गिरोह ने देश के करीब सभी राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया है। आइए जानते हैं कि आखिर एक एप के जरिए इतनी बड़ी ठगी को कैसे अंजाम दिया गया और इससे बचने के क्या-क्या तरीके हैं...

प्ले-स्टोर पर मौजूद है पावर बैंक एप?
Power Bank India नाम से यह एप गूगल प्ले-स्टोर पर अभी मौजूद है। कहा जा रहा है कि सबसे पहले यह एप इसी साल फरवरी में प्ले-स्टोर पर आया। इसका आखिरी अपडेट 4 जून को रिलीज किया गया है। पावर बैंक एप को प्ले-स्टोर पर बिजनेस कैटेगरी में पब्लिश किया गया है। अभी तक इसे 50 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड कर लिया है। इस एप को पब्लिश करने वाली कंपनी का नाम Indian power बताया गया है और डेवलपर की ई-मेल आईडी techguru7006@gmail.com है। प्ले-स्टोर पर बताया गया है कि इसे बंगलूरू की एक टेक्नोलॉजी कंपनी ने तैयार किया है। खबर लिखे जाने तक एप को इंस्टॉल करने का विकल्प नहीं मिल रहा था।

पावर बैंक एप से होता क्या था?
पावर बैंक एप से लोगों को पैसे दोगुने करने का काम होता था, हालांकि वास्तव में लोगों को पैसे दोगुने नहीं, बल्कि गायब हो रहे थे। पुलिस के मुताबिक पावर बैंक एप के जरिए 15 दिनों में पैसे डबल करने का झांसा दिया जाता था। उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता एडीजी अभिनव कुमार ने बताया कि रोहित कुमार, निवासी श्यामपुर और राहुल कुमार गोयल निवासी कनखल हरिद्वार ने साइबर थाने को एक शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार दोनों ने गूगल प्ले स्टोर से पावर बैंक नाम से एक एप्लीकेशन डाउनलोड की थी। निवेश संबंधी इस एप्लीकेशन में 15 दिनों में पैसा दोगुना करने का दावा किया गया था। इस लालच में आकर दोनों ने क्रमश: 91 हजार और 73 हजार रुपये गंवा दिए।
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