Apple और Samsung की उड़ेगी नींद: बाजार में आ रहा है ऐसा जादुई स्मार्टफोन, जिसमें नहीं होगा कोई App
OpenAI Smartphone:
स्मार्टफोन से अब Apps की छुट्टी होने वाली है। बाजार में जल्द एक ऐसा जादुई फोन दस्तक देगा, जो बिना एप के सिर्फ आपकी सोच और इशारों से चलेगा। जानिए किस दिग्गज टेक कंपनी के इस बड़े 'सीक्रेट प्लान' ने मोबाइल इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है।

पिछले कुछ वर्षों से स्मार्टफोन बाजार में कोई बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को नहीं मिला है। हर नए मॉडल में बस कैमरे या डिजाइन में मामूली बदलाव होते हैं। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया की बेताज बादशाह ओपनएआई (OpenAI) इस पूरे खेल को पलटने की तैयारी में है। जाने-माने टेक विश्लेषक मिंग-ची कुओ (Ming-Chi Kuo) की एक ताजा रिपोर्ट ने इस बात के पुख्ता संकेत दिए हैं कि ओपनएआई हार्डवेयर सेक्टर में कदम रखने जा रहा है।
एक्स (X) पर दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी एक खास स्मार्टफोन प्रोसेसर विकसित करने के लिए मीडियाटेक (MediaTek) और क्वालकॉम (Qualcomm) के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा, सिस्टम को-डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए लक्सशेयर (Luxshare) को अपना एक्सक्लूसिव पार्टनर बनाया गया है। इस बहुप्रतीक्षित स्मार्टफोन का बड़े पैमाने पर उत्पादन साल 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है।

एप्स का झंझट होगा खत्म, AI एजेंट करेगा सारे काम
ओपनएआई का यह अपकमिंग डिवाइस एक आम स्मार्टफोन से बिल्कुल अलग होने वाला है। कुओ के अनुसार, इस फोन के केंद्र में एक 'एआई एजेंट' (AI Agent) होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि यूजर्स को अपने अलग-अलग काम करने के लिए दर्जनों एप्स खोलने या खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय, यह एआई एजेंट सीधे यूजर की जरूरतों और इरादों को समझेगा और सारे काम खुद ही पूरे कर देगा। यह डिवाइस फोन इस्तेमाल करने का हमारा नजरिया बदल देगा, जहां यह सिर्फ एप्स का डिब्बा न रहकर एक ऐसा सिस्टम बन जाएगा, जो सीधे आपके आदेशों का पालन करेगा।

AI कंपनी को फोन बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
यह सवाल उठना लाजमी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में क्रांति लाने वाली ओपनएआई फोन क्यों बनाना चाहती है। कुओ ने इसके पीछे तीन बड़े कारण बताए हैं। पहला, ऑपरेटिंग सिस्टम और हार्डवेयर दोनों पर अपना नियंत्रण होने से कंपनी यूजर्स को एक बेहतरीन और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड एआई अनुभव दे पाएगी। दूसरा, स्मार्टफोन इंसान की रियल-टाइम स्थिति को सबसे बेहतर तरीके से कैप्चर करता है, जो कॉन्टेक्स्ट आधारित एआई (Contextual AI) के लिए सबसे कीमती है। और तीसरा, आने वाले कई वर्षों तक स्मार्टफोन ही दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डिवाइस बना रहेगा।
- नौकरियों की बहार लाया AI: भारत में हायरिंग 60% बढ़ी, बंगलूरू और हैदराबाद बने कंपनियों की पहली पसंद
- VANKI: बंगलूरू पुलिस ने 112 इमरजेंसी नंबर में जोड़ा खास AI ट्रांसलेटर, विदेशी भाषाओं में भी मिलेगी तुरंत मदद
- Robots: एयरपोर्ट पर अब इंसान नहीं, रोबोट उठाएंगे आपका भारी सामान! जापान में शुरू हो रहा अनोखा प्रयोग
- महाराष्ट्र में AI पॉलिसी को मंजूरी: 1.5 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी, 300 करोड़ पेड़ लगाने का भी एलान