Meta का नया 'टीन सेफ्टी' फीचर: बच्चे ने की सेल्फ-हार्म की बात, तो तुरंत पैरेंट्स को मिलेगा अलर्ट

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 23 Jul 2026 12:07 PM IST
सार

अगर कोई किशोर Meta AI से आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें करता है, तो अब केवल AI सलाह नहीं देगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर उसके माता-पिता को भी अलर्ट भेजेगा। Meta का नया फीचर मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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मेटा (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

    आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बच्चों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई की मदद से लेकर निजी सलाह और दिल का हाल साझा करने तक, टीनएजर्स अब एआई चैटबॉट्स पर काफी भरोसा करने लगे हैं। लेकिन क्या हो जब यह बातचीत किसी गंभीर मानसिक उलझन या अवसाद का रूप ले ले? इसी चिंता को दूर करते हुए और 'टीन सेफ्टी' (किशोरों की सुरक्षा) को प्राथमिकता देते हुए, मेटा (Meta) ने एक बेहद संवेदनशील और जरूरी कदम उठाया है।

    टीनएजर्स की सुरक्षा करेगा मेटा का नया अलर्ट सिस्टम
    टीनएजर्स की सुरक्षा करेगा मेटा का नया अलर्ट सिस्टम - फोटो : AI

    कैसे काम करेगा मेटा का यह नया अलर्ट सिस्टम?

    • कंपनी ने एक नया सेफ्टी फीचर रोलआउट किया है। इसके तहत अगर कोई किशोर मेटा एआई (Meta AI) के साथ चैट के दौरान आत्महत्या या खुद को चोट पहुंचाने (सेल्फ-हार्म) का कोई भी जिक्र करता है, तो एआई तुरंत उस बातचीत को फ्लैग कर देगा।
    • इसके बाद मेटा की एक विशेष टीम उस चैट की मैन्युअली जांच करेगी। अगर टीम को लगता है कि बच्चे को वाक़ई कोई जोखिम है, तो बिना देर किए सीधे माता-पिता को एक नोटिफिकेशन भेज दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य परिवार को समय रहते आगाह करना है, ताकि संकट की स्थिति में बच्चे को सही वक्त पर मदद मिल सके।
    कई देशों में शुरू हो चुकी है सेवा
    कई देशों में शुरू हो चुकी है सेवा - फोटो : Meta

    किन देशों में शुरू हुई सुविधा?

    यह फीचर अभी अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में शुरू किया गया है। मेटा का कहना है कि साल के अंत तक इसे दूसरे देशों में भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। अलर्ट केवल एप नोटिफिकेशन तक सीमित नहीं रहेगा। जरूरत पड़ने पर माता-पिता को ईमेल, एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए भी सूचना भेजी जा सकती है। इसके साथ मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए सुझाव भी साझा किए जाएंगे, ताकि वे अपने बच्चे से संवेदनशील तरीके से बातचीत कर सकें।

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