मोबाइल फोन पर पोर्न देखने से पहले जरा संभलकर

भारत में पोर्नोग्राफ़ी देखने वाले करोड़ों लोग हैं। मोबाइल इंटरनेट के विस्तार होने से पोर्नोग्राफ़ी अब पर्सनल मामला हो गया है। आप कहीं भी, कभी भी ऐसे वीडियो देख लीजिये और किसीको पता भी नहीं चलेगा। नहीं, पता तो ज़रूर चलेगा। आपके मोबाइल सर्विस ऑपरेटर और जो भी ऐप अपने डाउनलोड किये हुए हैं और जो आपकी ब्राउज़िंग पर नज़र रखते हैं उन्हें भी पता चलेगा। इसलिए ये आपके लिए सिक्योरिटी और प्राइवेसी का भी मामला है, जिसको अनदेखी नहीं करना चाहिए।

आपकी ऑनलाइन आदतों को कई कंपनियां ट्रैक करती हैं। इनकी ट्रैकिंग की मदद से कंपनियों को ये पता लगता है कि आपके कैसे विज्ञापन ऑनलाइन दिखाए जाने चाहिए। अगर आपके पोर्न वेबसाइट के बारे में जानकारी किसी को मिल रही हो तो आपके लिए वो परेशानी का कारण बन सकती है। प्राइवेट ब्राउज़िंग या कुकीज़ डिलीट कर देने से आप ऑनलाइन ट्रैकिंग से बच सकते हैं।

लेकिन इस रिपोर्ट के अनुसार इसमें अब ख़तरा बढ़ता जा रहा है। ऐशले मैडिसन नाम के वेबसाइट के डेटा लीक होने के बाद लाखों लोगों के नाम सामने आये जब लोगों ने ऑनलाइन पोर्न का सहारा लिया। इसमें भारत के भी लोगों के नाम थे। इसके बाद कुछ आत्महत्या के भी मामले सामने आये। कुछ लोगों को ब्लैकमेल का भी सामना करना पड़ा।