आखिरकार लोग ठगी के शिकार कैसे हो जाते हैं? विस्तार से समझिए

प्रदीप पांडे
बीबीसी हिन्दी, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Sun, 08 Dec 2019 08:40 AM IST
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How people being cheated and frauds happens read in details
fraud - फोटो : social media

    आपके मेलबॉक्स में हर रोज तमाम जंक मेल आते होंगे। आपके फोन में स्पैम मैसेज आते होंगे। कुछ रोबो कॉल्स भी जरूर आते होंगे। अवांछित मैसेज और फोन कॉल हम सभी की परेशानी हैं। हममें से ज़्यादातर लोग इनको नजरअंदाज कर देते हैं और उन्हें डिलीट करके भूल जाते हैं, लेकिन सभी ऐसा नहीं कर पाते। हर साल अनगिनत लोग और संगठन अरबों रुपए की ठगी के शिकार होते हैं। ठगे गए लोग मानसिक अवसाद में पड़ जाते हैं। उनकी सेहत बिगड़ जाती है। ठगी के अलावा दूसरा ऐसा कोई अपराध नहीं, जो इतनी बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाता हो। सभी उम्र, पृष्ठभूमि और क्षेत्र के लोग इसके फंदे में फंस जाते हैं।

    fraud on phone
    fraud on phone - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

    आखिर लोग क्यों फंस जाते हैं?

    मैं और मेरे सहयोगियों ने इस सवाल का जवाब ढूंढ़ना शुरू किया। कुछ नतीजे पुराने शोध से निकले निष्कर्षों की तरह ही हैं। लेकिन कुछ नतीजे ठगी के बारे में आम धारणाओं को चुनौती देते हैं। घुड़दौड़, लॉटरी और बाज़ार से जुड़ी धोखाधड़ी आम हो गई है। बेटर बिजनेस ब्यूरो के मुताबिक़ पिछले तीन साल में सिर्फ घुड़दौड़ और लॉटरी से जुड़ी लगभग 5 लाख शिकायतें मिलीं, जिनमें 35 करोड़ अमरीकी डॉलर का नुकसान हुआ था।

    hacker
    hacker

    पहले इस तरह की ठगी कुछ स्थानीय लोग करते थे और अक्सर आमने-सामने के सौदे में ठगी हो जाती थी। जैसे किसी निवेश सेमिनार में या फिर किसी रियल इस्टेट सौदे में। पुराने तरह के धोखे अब भी मिलते हैं, लेकिन अब उनसे कहीं ज्यादा संख्या में नई तरह की ठगी हो रही है। इनके पीछे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का हाथ होता है। ऐसे कई गिरोह जमैका, कोस्टारिका, कनाडा और नाइजीरिया जैसे देशों में हैं।

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