Sundar Pichai Padma Bhushan: जानिए गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की संघर्ष से सफलता तक की कहानी, नवाजा गया पद्मभूषण पुरस्कार से
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कहते हैं अगर मेहनत दिल से की जाए, तो फिर इसका फल भी मीठा ही होता है और आपको बुलंदियों पर पहुंचने से फिर कोई नहीं रोक सकता। ऐसी ही कड़ी मेहनत और बड़े मुकाम पर पहुंचने के लिए जाने जाते हैं हैं अल्फाबेट (गूगल) के सीईओ सुंदर पिचाई। सुंदर पिचाई गूगल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं और गूगल को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात अपनी टीम के साथ मेहनत करते हैं। उनकी कड़ी मेहनत और कठिन परिश्रम को भला कौन नहीं जानता है। अपने जीवन में वो अब तक कई बड़े मुकाम हासिल कर चुके हैं और लगातार कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुंदर पिचाई के नाम एक और देश का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार जुड़ा है।. दरअसल, उन्हें ट्रेड-इंडस्ट्री कैटेगिरी में भारत सरकार की तरफ से पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है।तो चलिए आपको सुंदर पिचाई के जीवन के बारे में बताते हैं...

17 शख्सियतों में शामिल
- सुंदर पिचाई उन 17 शख्सियतों में शामिल हैं, जिन्हें ये सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से नवाजा गया है। साल 2015 में वे दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी गूगल के सीईओ बने। सबसे खास बात ये कि वे भारतीय मूल के नागरिक थे, जिन्हें गूगल में ये बड़ी जिम्मेदारी मिली।

तमिलनाडु में हुआ जन्म
- सुंदर पिचाई का वास्तविक नाम सुंदरराजन है और वे भारतीय मूल के हैं। बात उनके जन्म की करें, तो साल 1972 में मदुरै (तमिलनाडु) में उनका जन्म हुआ। वहीं, वे चेन्नई में रहकर पले-बढ़े। आईआईटी खड़गपुर से साल 1993 में पिचाई ने बीटेक किया और उसी साल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के लिए उन्हें स्कॉलरशिप मिल गई। यहां से उन्होंने इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के व्हार्टन स्कूल से एमबीए किया।
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