Google Code Red: गूगल ने जारी किया कोड रेड, ChatGPT को बताया दुनिया भर के कंटेंट राइटर के लिए खतरा
यह टेक्नोलॉजी बहुत कम समय में ही बड़ी स्टोरी लिख दे रही है, जिससे वह सीधे अपने प्लेटफॉर्म पर ही फ्रेश और नई जानकारी को अपडेट कर सकती है। यानी यूजर्स फिर Google पर सीधा सर्च करने की बजाय ChatGPT से अपडेटेड जानकारी ले सकेंगे।

गूगल ने ChatGPT टेक्नोलॉजी को लेकर 'कोड रेड' जारी किया है। गूगल का कहना है कि यह भविष्य के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इसकी मदद से उसके प्लेटफॉर्म पर रोज पब्लिश हो रहे लाखों कंटेंट में कमी आ जाएगी। दरअसल, यह इस टेक्नोलॉजी की मदद से बेहद कम समय में एक बड़ी स्टोरी को भी लिखा जा सकता है। बता दें कि लॉन्च होने के बाद से ChatGPT ने इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया कंपनियों को पीछे छोड़ दिया था।

ChatGPT से गूगल को होगा नुकसान
गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रणनीति पर चर्चा करते हुए ChatGPT को खतरनाक बताया था। उन्होंने कहा था कि इस ChatGPT के पास इंटरनेट सर्च इंजन में बदलाव करने की क्षमता है, जिससे गूगल को भी खतरा है। यानी इस टेक्नोलॉजी से गूगल की नई जनरेशन को भी नुकसान हो सकता है। पिचाई ने मैनेजमेंट को ChatGPT टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और रिसर्च करने के लिए भी कहा है।

सर्च इंजन में हो सकता है बड़ा बदलाव
कहा जा रहा है कि यदि यह टेक्नोलॉजी सही तरीके से काम करना शुरू कर देती है तो गूगल जैसे सर्च इंजन पर भी रोज पब्लिश हो रहे लाखों कंटेंट में भारी कमी आ जाएगी। आसान शब्दों में कहे तो यह टेक्नोलॉजी बहुत कम समय में ही बड़ी स्टोरी लिख दे रही है, जिससे वह सीधे अपने प्लेटफॉर्म पर ही फ्रेश और नई जानकारी को अपडेट कर सकती है। यानी यूजर्स फिर गूगल पर सीधा सर्च करने की बजाय ChatGPT से अपडेटेड जानकारी ले सकेंगे। ये भी कहा जा रहा है कि जब गूगल के विज्ञापन बिजनेस पर इसका असर पड़ेगा तो उससे जुड़े लाखों कंटेंट राइटर की जॉब जाने का खतरा भी बढ़ सकता है।