Cyborg: क्या भविष्य में साइबोर्ग बन जाएगा इंसान? जानिए कैसे ये तकनीक बदल देगी मनुष्य के आने वाले कल की तस्वीर

हमारे इवोल्यूशन की शुरुआत एक छोटे से बैक्टीरिया से हुई थी। रेंडम नेचुरल सेलेक्शन की इस करोड़ों साल की प्रोसेस के कारण ही आज हम इंसान बन पाए हैं। आने वाले भविष्य में हमारी उन्नति कैसी होगी? उसका निर्णय भी नेचुरल सेलेक्शन के आधार पर ही होगा या शायद नही? इंसान आज उस मुहाने पर खड़ा है, जहां पर यह तय कर पाना मुश्किल हो गया है कि हमारी क्रमागत उन्नति का स्वरूप आगे कैसा होने वाला है? क्या अब हम रेंडम नेचुरल सेलेक्शन के आधार पर ही आगे बढ़ेंगे या इंसान यह खुद तय करेगा कि आने वाले भविष्य में उसका रंग, रूप, सोचने और समझने की शक्ति कैसी होगी? बायोलॉजी, फिजिक्स और तकनीक के क्षेत्र में ऐसी खोजें हो रही हैं, जो शायद हमें आगे भविष्य में साइबोर्ग बना दे। एलन मस्क की निजी कंपनी न्यूरालिंक इस क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में कई बड़ी खोजों को अंजाम दिया है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं क्या होते हैं साइबोर्ग और कैसे आने वाले वक्त में तकनीक हमारे स्वरूप को बदलने वाली है?

साइबोर्ग भविष्य के मानव को लेकर एक परिकल्पना है। भविष्य में साइबोर्ग वो इंसान होंगे, जिनके शरीर के भीतर कई तरह की मशीनें और ब्रेन चिप लगी होंगी। इन मशीनों और ब्रेन चिप की मदद से इंसान की शारीरिक और मानसिक क्षमता आज के मुकाबले कई गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। इस दिशा में कई काम हो रहे हैं। न्यूरालिंक में काम कर रहे वैज्ञानिक एक खास तरह की चिप को बना रहे हैं, जो कि सीधे आपके मस्तिष्क के न्यूरल नेटवर्क से जुड़े होंगे।

इस चिप की मदद से भविष्य में इंसानों के व्यवहार, उनकी सोचने समझने की क्षमता और शारीरिक शक्ति को बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। एलन मस्क का कहना है कि आने वाले भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक बहुत बड़ा खतरा इंसानों के समक्ष खड़ा है। ऐसे में इंसानों को इस दुनिया में अपना अस्तित्व बचाने के लिए भविष्य में साइबोर्ग बनना होगा। उसी को ध्यान में रखते हुए हम यह काम कर रहे हैं। हमारी ये तकनीक भविष्य में इंसानों की मानसिक और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने का काम करेगी, जिससे वो आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को काउंटर कर सकेंगे।