2011 में हुई थी दिल्ली के रवि की हत्या, ब्रेन मैपिंग से आठ साल बाद पकड़े गए हत्यारे

हत्या की गुत्थी सुलझाने और अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस के पास कई तरीके होते हैं। उन्हीं में से एक तरीका है ब्रेन मैपिंग। दिल्ली की क्राइम ब्रांच की पुलिस ने कापसहेड़ा के संभालखा इलाके में आठ साल पहले हुई हत्या की गुत्थी को ब्नेन मैपिंग के जरिए सुलझा दिया है। आइए जानते हैं ब्रेन मैपिंग के बारे में विस्तार से...

क्या है मामला
आठ साल पहले रवि की हत्या उसकी पत्नी के प्रेमी और चालक ने अगवा करके की थी। हत्या के बाद शव को राजस्थान के अलवर स्थित गांव टापुकड़ा में जमीन में गाड़ दिया था। इस हत्या के बारे में रवि की पत्नी, उसके प्रेमी और ड्राइवर के अलावा कोई नहीं जानता था।

रवि की पत्नी शकुंतला पर था शक
दरअसल पुलिस को हत्या के समय से ही रवि की पत्नी शकुंतला और उसके प्रेमी कमल सिंघला पर शक था, लेकिन पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिल रहा था। यहां तक रवि का शव भी पुलिस को नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने कमल सिंघला व शकुंतला की ब्रेन मैपिंग कराई जिसमें पूरी कहानी सामने आई।