AI से डरे अमेरिकी: डेटा सेंटर के बजाय न्यूक्लियर प्लांट के पास रहना कर रहे पसंद, सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा
Americans Oppose AI Data Centers:
अमेरिका में एआई का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन अब इसका विरोध भी बढ़ने लगा है। एक नए सर्वे में सामने आया है कि ज्यादातर अमेरिकी अपने घरों के पास एआई डेटा सेंटर नहीं चाहते। हैरानी की बात यह है कि लोग एआई सेंटर की तुलना में न्यूक्लियर प्लांट को ज्यादा स्वीकार कर रहे हैं।

अमेरिका में एआई डेटा सेंटर न्यूक्लियर पावर प्लांट से भी ज्यादा खतरनाक बनते जा रहे हैं। दरअसल, गैलप के एक नए सर्वे में अमेरिका में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर लोगों की सोच का बड़ा संकेत दिया है। सर्वे के मुताबिक ज्यादातर अमेरिकी अपने इलाके में एआई डेटा सेंटर बनने के खिलाफ हैं। रिपोर्ट बताती है कि करीब 71 प्रतिशत लोगों ने अपने आसपास एआई डेटा सेंटर बनाए जाने का विरोध किया। इनमें से लगभग आधे लोगों ने इसका जोरदार विरोध दर्ज कराया।
दूसरी तरफ न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर विरोध का आंकड़ा इससे कम रहा। करीब 53 प्रतिशत लोगों ने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का विरोध किया। यानी बड़ी संख्या में अमेरिकी एआई डेटा सेंटर की तुलना में न्यूक्लियर प्लांट को ज्यादा स्वीकार करने के लिए तैयार दिखे।

लोग क्यों कर रहे डेटा सेंटर्स का विरोध?
एआई डेटा सेंटर को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता पर्यावरण है। सर्वे में शामिल 10 में से 7 लोगों ने कहा कि ऐसे सेंटर स्थानीय संसाधनों और पर्यावरण पर बुरा असर डाल सकते हैं।
दरअसल एआई डेटा सेंटर भारी मात्रा में बिजली और पानी की खपत करते हैं। अमेरिका के कई हिस्सों में पहले से ही बिजली ग्रिड और पानी की सप्लाई पर दबाव है। ऐसे में लोगों को डर है कि नए डेटा सेंटर स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
कुछ लोगों ने हवा और पानी के प्रदूषण की आशंका जताई। वहीं कई लोगों को औद्योगिक शोर और हरित इलाकों के खत्म होने का डर भी सता रहा है। लोगों का मानना है कि बड़ी टेक कंपनियों के कैंपस बनने से रिहायशी और सार्वजनिक जगहों पर असर पड़ सकता है।

लोगों को बढ़ते खर्च का भी डर
सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, आम लोग अपनी जीवनशैली पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंतित हैं। कई लोगों ने कहा कि डेटा सेंटर बनने से ट्रैफिक बढ़ सकता है। लगातार निर्माण कार्य और आबादी बढ़ने से स्थानीय जीवन प्रभावित हो सकता है।
कुछ लोगों को यह भी डर है कि एआई डेटा सेंटर के कारण बिजली और अन्य सुविधाओं के बिल बढ़ सकते हैं। वजह यह है कि इन सेंटरों को चलाने के लिए भारी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा लोगों ने चिंता जताई कि कहीं सरकारें टैक्सपेयर्स के पैसे या सरकारी छूट देकर बड़ी टेक कंपनियों को फायदा तो नहीं पहुंचाएंगी।
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