शख्स ने खड़ी की बिना इंसानों वाली कंपनी: 15 AI एजेंट्स संभाल रहे हैं HR, लीगल और मैनेजर का पद

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 15 Feb 2026 01:57 PM IST
सार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वजह से दुनियाभर में लाखों लोगों की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं। कई कंपनियां एआई के वजह से कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। इसी बीच एक ऐसी कंपनी की चर्चा शुरू हो गई है, जिसमें काम तो होता है लेकिन उसे करने वाले इंसान नहीं हैं। इस कंपनी में HR से लेकर लीगल एमप्लॉई तक किसी भी काम के लिए इंसान को हायर नहीं किया गया है।

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aaron sneed florida entrepreneur runs company with ai agents not humans
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस - फोटो : AdobeStock

    एआई के वजह से आज बड़ी-छोटी सभी तरह की टेक कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। एआई ने उन कामों को आसान कर दिया है जिसके लिए पहले ज्यादा कर्मचारियों को रखने की जरूरत पड़ती थी। इसने न केवल काम के रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया है, बल्कि कंपनियों का खर्च भी बचा रहा है। फ्लोरिडा के एक डिफेंस-टेक एंटरप्रेनर हारून स्नीड ने एक कदम आगे बढ़कर पूरी वर्कफोर्स ही बदल दी है। स्नीड अपनी कंपनी में किसी इंसान को सैलरी देने के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स से काम ले रहे हैं। उन्होंने अपनी कंपनी के एचआर, सप्लाई चेन, लीगल, और क्वालिटी कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अलग-अलग एआई एजेंट्स को सौंप दी है।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) - फोटो : AI

    15 एजेंट्स की वर्चुअल टीम

    स्नीड ने इस सिस्टम को 'द काउंसिल' का नाम दिया है। इसमें लगभग 15 खास तौर पर प्रशिक्षित एआई एजेंट्स शामिल हैं। इस टीम का केंद्र एक 'चीफ ऑफ स्टाफ' एजेंट है, जो प्राथमिकताओं को तय करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सुरक्षा और कानूनी जैसे गंभीर मामले सबसे पहले निपटाए जाएं। स्नीड के अनुसार, यह सिस्टम उनके हफ्ते के लगभग 20 घंटे बचाता है, जिससे एक अकेले फाउंडर के लिए बिजनेस चलाना काफी आसान हो गया है।

    हां में हां नहीं मिलाते डिजिटल कर्मचारी
    हां में हां नहीं मिलाते डिजिटल कर्मचारी - फोटो : AI जनरेटेड

    हां में हां नहीं मिलाते डिजिटल कर्मचारी

    इन एआई एजेंट्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें केवल हुक्म मानने के लिए नहीं, बल्कि कमियां निकालने के लिए बनाया गया है। स्नीड के मुताबिक, एआई एजेंट्स को इस तरह ट्रेन किया है कि वे केवल हां न कहें, बल्कि उनके विचारों को चुनौती दें और उन गलतियों को पकड़ें जिन्हें वे नहीं देख पाते। ओपनएआई और एनवीडिया की तकनीक पर आधारित ये एजेंट्स आपस में वर्चुअल राउंडटेबल मीटिंग करते हैं और किसी भी प्रस्ताव पर गहन चर्चा करते हैं।

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