रिसर्च में खुली सोशल मीडिया की पोल: टीन सेफ्टी फीचर्स पर उठ रहे सवाल, जानें क्या यह बच्चो के लिए वाकई सुरक्षित
Teen Safety:
क्या सोशल मीडिया के सेफ्टी फीचर्स वास्तव में टीनएजर्स को सुरक्षित रखते हैं? यह सवाल आए दिन चर्चा का विषय बना रहता है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर न सिर्फ अभिभावकों, बल्कि दुनिया भर की सरकारों की भी चिंता बढ़ी है। इसीलिए कई देशों ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है, जबकि कई अन्य देश ऐसे नियम लागू करने की तैयारी में हैं। इसी बीच एक नई रिसर्च ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए जानते हैं रिपोर्ट में क्या खुलासे हुए हैं।

Social Media Safety Research:
जब भी ऑनलाइन सुरक्षा की बात होती है, तो सोशल मीडिया कंपनियां दावा करने लगती हैं कि उन्होंने टीनएजर्स की सुरक्षा के लिए कई नए फीचर्स जोड़े हैं या उनके प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। लेकिन इस रिपेार्ट ने कंपनियों के दावों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स की माने तो स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ सेफ्टी फीचर्स या तो पूरी तरह प्रभावी नहीं हैं या फिर उन्हें इस तरह रखा गया है कि आम यूजर्स और पैरेंट्स के लिए उनका इस्तेमाल करना आसान नहीं है।

Snapchat: यूजरनेम पता हो तो मिल सकता है टीनएजर का अकाउंट
- जैसा की स्नैपचैट ने 2023 में कहा था कि टीनएजर्स की प्रोफाइल केवल उन्हीं लोगों को दिखाई जाएगी, जिनके साथ उनके म्यूचुअल फ्रेंड्स होंगे। हालांकि, रिसर्च में पाया गया कि अगर किसी व्यक्ति को किसी टीनएजर का यूजरनेम पता हो, तो वह आसानी से उसका अकाउंट खोज सकता है।
- इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि यह एप कुछ मामलों में बच्चों को ऐसे वयस्क यूजर्स की प्रोफाइल को सजेस्ट करता था, जिनसे उनको काेई लेना-देना नहीं था।

Instagram: प्राइवेट अकाउंट के बावजूद अजनबियों के सुझाव
- मेटा, जो इस समय अपने ही कई फीचर्स को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने टीन अकाउंट लॉन्च करते वक्त दावा किया था कि टीनएजर्स के अकाउंट डिफॉल्ट रूप से प्राइवेट होंगे और अनचाहे लोगों से संपर्क कम होगा।
- जब इसपर रिसर्च की गई, तो सामने कुछ और ही आया। रिसर्चर ने एक बच्ची अकाउंट बनाया, जिसके सजेस्टेड फॉर यू सेक्शन में अधिकतर प्रोफाइल ऐसे वयस्क पुरुषों की थीं, जिन्हें वह जानती तक नहीं थी। इससे एल्गोरिदम पर सवाल उठे हैं।