सिग्नल एप की भारत में डाउनलोडिंग 2.5 करोड़ के पार, क्या है इसमें खास

सिग्नल एप तो पुराना मैसेजिंग एप है लेकिन व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी ने इसमें जान फूंकने का काम किया है। व्हाट्सएप ने नई प्राइवेसी पॉलिसी की घोषणा की और सिग्नल धड़ाधड़ डाउनलोड होने लगा। सिग्नल एप को भारत में काफी लोकप्रियता मिल रही है। महज एक महीने के अंदर भारत में सिग्नल के एक करोड़ से अधिक यूजर्स हो गए हैं। तो सवाल यह है कि आखिर सिग्नल इतना खास क्यों हो गया है। आइए जानते हैं....

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनवरी के शुरुआती दो हफ्तों में सिग्नल को भारत में 2.5 करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड किए हैं। ऐसे में देखा जाए तो सिग्नल एप काफी तेजी से जगह बना रहा है। सिग्नल की लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण उसकी सिक्योरिटी का है। अमेरिकी सेना भी यह एप इस्तेमाल कर रही है। जनवरी 2020 में मिडिल ईस्ट में तैनात एक खास टुकड़ी को सिग्नल डाउनलोड करने को कहा गया था, हालांकि फिलहाल यह ईरान में बैन है। सिग्नल को हैक करना बहुत ही मुश्किल है और यदि को हैक कर भी लेता है तो मैसेज नहीं पढ़ पाएगा, क्योंकि मैसेज एंक्रिप्टेड यानी कूट भाषा में होते हैं। इसके अलावा ओरिजनल मैसेज की लोकेशन को नहीं ढूंढा जा सकता। आइए जानते हैं इसके कुछ खास सिक्योरिटी फीचर्स के बारे में...

इसमें इन्काग्निटो कीबोर्ड ऐसा फीचर है जो कीबोर्ड को आपके लिखे को सेव करने की इजाजत नहीं देता। ऑटोकम्पलीट या सजेशन की सुविधा चाहते हैं तो इस फीचर को डिसेबल रखना होगा। स्क्रीन सिक्योरिटी फीचर दूसरों को सभी चैट्स के स्क्रीन शॉट्स लेने से रोकता है। इस पर ग्रुप बनाते वक्त आप किसी को भी उसकी इजाजत के बिना नहीं जोड़ सकते, इनवाइट स्वीकारने के बाद ही ग्रुप का सदस्य बना जा सकता है। अधिकतम 150 मेंबर्स का ग्रुप बन सकता है। हाल ही में ग्रुप वीडियो कॉलिंग फीचर भी जुड़ा है।