पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ऐसे पहले सुपरस्टार नहीं हैं जिन्होंने अपने करियर के अंत में ऐसी लीगों में खेलना शुरू किया, जहां पहले नहीं खेले थे। 37 साल के रोनाल्डो ने सऊदी अरब के अल नासिर क्लब से 1700 करोड़ रुपये का सालाना करार किया है। करियर के अंत में अपेक्षाकृत छोटी या नई लीगों का रुख करने वाले सुपरस्टारों में ब्राजील के दिग्गज पेले, जोहान क्रुफ, जिको, जावी हर्नांडेज भी शामिल हैं।
पेले ने बढ़ाए अमेरिकी लीग में दर्शक
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पेले
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ब्राजील के तीन बार के विश्व कप विजेता महान फुटबॉलर पेले ने 1975 में न्यूयॉर्क कॉस्मोस से अनुबंध किया। वह ढाई साल वहां रहे और तब के हिसाब से 2.7 मिलियन डॉलर (लगभग 22 करोड़, 33 लाख रुपये) की मोटी कमाई की। पेले ने अमेरिका में फुटबॉल की लोकप्रियता को चार चांद लगा दिए। तत्कालीन मैनेजर क्लाइव टाेये के अनुसार इसके बाद ही दो साल वहां मेजर लीग सॉकर की शुरुआत हो पाई।
यहीं नहीं 1994 में विश्व कप की मेजबानी का मार्ग भी इसी से प्रशस्त हुआ था। पेले ने उत्तरी अमेरिका सॉकर लीग के 64 मैचों में 37 गोल किए। मेजर सॉकर लीग के आयुक्त डोन गार्बर कहते हैं कि अगर पेले तब नहीं आते तो आज हम वहां नहीं होते, जहां हैं। पेले की देखादेखा फ्रेंच बेकनबाउर, जॉर्ज बेस्ट, डेविड बेकहम और थियरे हेनरी ने भी अपने करियर के अंत में अमेरिका का रुख किया।
ब्राजील के जिको, जापान में हीरो
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जिको
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ब्राजील के जिको की जितनी शोहरत अपने देश ब्राजील में है, उतनी ही जापान में है। वह जापान लीग में काशिमा ऐंटलर्स के लिए 1991-94 से खेले। वह 2006 तक वहां रहे। उसके तकनीकी निदेशक और कोच भी बने। 2006 विश्व कप में जापान की टीम उनके मार्गनिर्देशन में खेली भी। वह जापान सॉकर हाल ऑफ फेम में शामिल हुए। उन्हें जापान में फुटबॉल का देवता तक पुकारा गया। उनके बाद डुंगा, स्टोइचकोव, आंद्रेस इनिएस्ता जापान लीग में खेले।
जावी ने बढ़ाया कतर लीग का ग्राफ
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जावी
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बार्सिलोना को चैंपिंयस लीग जिताने वाले कप्तान जावी हर्नांडेज कतर लीग में खेलने वाले पहले बड़े स्टार थे। वर्षों से चल रही लीग का ग्राफ उसके बाद बढ़ता चला गया। उसके बाद तो मार्सेल डेसेली, पेप गुराडियोला और गैब्रिएल बतिस्तुता और राउल गोंजालेज ने भी इस लीग में अपने कौशल से फुटबॉल दर्शकों को रोमांचित किया।
बाद में ब्राजील के महान खिलाड़ियों रोमारियो भी कतर के बड़े क्लब अल साद से जुड़े। यह 2010 से पहले की बात है, तब कतर को पिछले साल हुए विश्व कप की मेजबानी नहीं मिली थी। स्पेन के जावी 2015-19 तक अल साद क्लब में रहे। उसके बाद 2019-21 तक क्लब की कोचिंग की और बाद में बार्सिलोना में बतौर कोच लौटे।
पियरो को देखने सिडनी में जुटे 35 हजार दर्शक
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डेल पीयरो
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इटली की विश्व कप विजेता टीम के फॉरवर्ड डेल पियरो ऑस्ट्रेलियाई लीग में खेलने वाले पहले बड़े खिलाड़ी थे। वह 2012-14 तक सिडनी एफसी में रहे। उन्होंने एक सत्र का दो मिलियन डॉलर (लगभग 16 करोड़, 55 लाख रुपये) का अनुबंध किया था। पियरो ने 48 मैचों में 24 गोल किए। उनके आने से ऑस्ट्रेलिया में स्टेडियम ही नहीं फुटबॉल देखने वाले टीवी दर्शकों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ। 38 साल के पियरो का पहला मैच देखने के लिए सिडनी में 35 हजार दर्शक उपस्थित हुए थे। ए लीग इससे विश्व स्तर पर आ गई। बाद में इंग्लैंड के रोबी फोलर भी दो ऑस्ट्रेलियाई क्लबों से जुड़े।