हिन्दू धर्म में सोलह संस्कार होते हैं और इसमे से मृत्यु को अंतिम संस्कार के रुप में मनाया जाता है। मृत्यु संस्कार में शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए बांस की अर्थी का इस्तेमाल किया जाता है। शव का अंतिम संस्कार करते समय बांस की लकड़ी को चिता पर नहीं रखते है। इसके पीछे की क्या है धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यता आइए जानते हैं।
चिता में नहीं जलाई जाती बांस की लकड़ी, पीछे छिपा है एक गहरा रहस्य
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:37 AM IST
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