अक्षय तृतीया के मौके पर चार धाम यात्रा के प्रथम दो तीर्थ यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट बुधवार को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। आगे जानिए इसी दिन से क्यों शुरू होती है यात्रा...
यूं तो यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साक्षा हजारों श्रद्धालु रहते हैं। लेकिन अक्षय तृतीया को ही कपाट क्यों खुलते हैं इसके बारे में बेहद कम लोग जानते हैं। आगे जानिए इसकी पूरी कहानी।
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gangotri dhaam
- फोटो : amarujala
ज्योतिषों के मुताबिक, सूर्य पुत्री यमुना यम और शनि की बहन थी। भगवान हनुमान भी यमुना को अपनी बहन मानते थे। वे तीनों यमुना से बहुत प्रेम करते थे। इसलिए एक बार तीनों अपनी बहन से मिलने पहुंच गए। तो यमुना ने पूछा कि वे उनके लिए क्या लाएं हैं।
इस पर तीनों भाईयों ने उन्हें वरदान दिया कि चार तीर्थों में सबसे पहले यमुना की पूजा होगी। इस दिन जो भी यमुनोत्री धाम आकर दर्शन करेगा उसके सभी पाप धुल जाएंगे। यह दिन अक्षय होगा। इस दिन सारे रुके हुए काम पूरे हो जाएंगे। इस पर यमुना बहुत खुश हुई और अपनी सहेली गंगा को भी अपने भाईयों से मिलवाया।
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yamunotri dham
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उस दिन तीनों ने गंगा को भी यही वरदान दिया कि तुम दोनों सहेलियों के धाम के कपाट एक ही दिन खुलेंगें। यह वरदान उन्होंने बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को दिया। तब से अक्षय तृतीया के दिन ही यह कपाट खुलते हैं।