हिन्दू धर्म में भोजन करते वक्त भोजन की सात्विकता के साथ- साथ मन में अच्छी भावना और घर का अच्छा वातावरण बहुत महत्व माना गया है। जब हम भोजन करते हैं तो हमें भोजन से पूर्व और भोजन के बाद बहुत-सी बातों का ध्यान रखना चाहिए। भोजन के सभी नियमों का पालन किया जाए तो व्यक्ति के जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का रोग और शोक नहीं होता। शास्त्रों में भोजन करने से संबंधित कुछ नियम बताए गए हैं।
भोजन करने के बाद कभी भी थाली को किचन स्टैंड, पलंग या टेबल के नीचे या ऊपर न रखें। ऐसा करने वाले व्यक्ति के घर में आर्थिक संकट आ सकता है।
भोजन के साथ- साथ आपको थाली को भी हमेशा चटाई, या टेबल पर सम्मान के साथ रखना चाहिए, वास्तुशास्त्र में कहा गया है जो व्यक्ति खाने की थाली का सम्मान करता है उस घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है।
रात्रि में खाने के बर्तन को कभी झूठा नही छोड़ना चाहिए। ऐसा करने से परिवार में कलह बढ़ती है।
भोजन करने से पूर्व अपने इष्ट और मां अन्नपूर्णा का आहवन और धन्यवाद अवश्य करना चाहिए।