वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इस दौरान 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना और व्रत करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शारदीय नवरात्रि में सच्चे मन से मां दुर्गा की साधना करने से जीवन के सभी भय दूर होते हैं और माता रानी की कृपा से भक्त के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इस दौरान मां दुर्गा की उपासना न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है, बल्कि घर-परिवार में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का संचार भी करती है। धार्मिक मान्यताओं के साथ यदि वास्तु शास्त्र के नियमों का भी ध्यान रखा जाए, तो साधना का प्रभाव और अधिक फलदायी हो सकता है।
नवरात्रि में पूजा से लेकर अखंड ज्योति तक, जानें मां दुर्गा की उपासना के सही वास्तु नियम
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 09 Oct 2026 04:48 PM IST
सार
नवरात्रि पर देवी उपासना के लिए 9 दिन समर्पित होते हैं, जिसमें वास्तु के नियमों के अनुसार कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योत जलाने के नियम होते हैं।
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