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10वीं और 12वीं के छात्र नारद पुराण की यह बातें कर लें कंठस्थ, अच्छे परिणाम के साथ मिलेगी सफलता
Wed, 06 Nov 2019 05:24 AM IST
संजीव कुमार झा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 06 Nov 2019 05:24 AM IST
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नारद पुराण
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नारद मुनि भगवान विष्णु के परम भक्त होने के साथ ही परम ज्ञानी भी थे। इनके ज्ञान का संग्रह नारद पुराण में मिलता है जिसमें व्याकरण, गणित, ज्योतिष के अलावा कुछ ऐसे टिप्स बताए गए हैं जो न केवल घर गृहस्थी वालों के लिए फायदेमंद हैं बल्कि छात्रों के लिए भी बड़े ही काम के हैं। अगर छात्र इन बातों को याद कर लें तो यह तय है कि वह जीवन के किसी भी परीक्षा में सफल और अच्छे अंकों से पास हो सकते हैं।
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- फोटो : narad
जैसे अच्छे घोड़े आधी रात में भी आधी नींद सोते हैं उसी प्रकार सफलता की चाहत रखने वाले अच्छे छात्रों को भी नींद के वश में नहीं होना चाहिए यानी अल्प निद्रा लेनी चाहिए। अर्जुन ने भी नींद पर विजय प्राप्त करके ही सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर होने का प्रमाण प्राप्त किया था।
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अपने जीभ को संयमित रखें यानी खाने-पीने में की बातों को लेकर अपने अध्ययन के समय को प्रभावित नहीं होने दें।
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नारी के मोह में न फंसे यानी प्रेम प्रसंग के मामलों से छात्रों को दूर रहना चाहिए। प्राचीन काल में लड़के ही गुरु के पास पढ़ने जाते थे इसलिए नारद मुनि ने नारी के मोह में न फंसने की बात कही है। वर्तमान में नारद जी की बातों का मतलब अध्ययन के दौरान प्रेम प्रसंग में न पड़ने से है।
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छात्रों को गरुड़ और हंस पक्षी के समान होना चाहिए जैसे गरुड़ और हंस भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय कर लेते हैं उसी तरह विषय को गहराई से समझते हुए छात्रों को पढ़ना चाहिए और इसके लिए कहीं दूर जाकर भी पढ़ने का मौका मिले तो पीछे नहीं हटना चाहिए।