भगवान श्री कृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। इसके लिए श्री कृष्ण ने न सिर्फ राक्षसों और असुरों का वध किया बल्कि धर्म की स्थापना के मार्ग में आने वाले अपने सगे-संबंधियों को भी परलोक पहुंचाने में कोई भेद नहीं किया। अंत में भगवान श्री कृष्ण ने यह भी कह दिया कि 'यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ! अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृज्याहम !!' तो आइये देखें श्री कृष्ण ने अपने किन किन संबंधियों का वध किया।
जब धर्म की खातिर श्री कृष्ण को करना पड़ा अपने ही रिश्तेदारों का वध
Updated Sat, 05 Sep 2015 12:50 PM IST
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जब धर्म की खातिर श्री कृष्ण को करना पड़ा अपने ही रिश्तेदारों का वध
जब धर्म की खातिर श्री कृष्ण को करना पड़ा अपने ही रिश्तेदारों का वध
जब धर्म की खातिर श्री कृष्ण को करना पड़ा अपने ही रिश्तेदारों का वध
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