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रात के समय पूजा करते हैं तो यह गलती न करें

Thu, 10 Mar 2016 04:25 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 10 Mar 2016 04:25 PM IST
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precaution when worship at night
अारती पूजन - फोटो : getty images

भगवान की पूजा आराधना के ल‌िए समय की कोई पाबंदी नहीं आप जब चाहें द‌‌िन, रात, सुबह या शाम पूजा कर सकते हैं। केवल हनुमान जी की पूजा के ल‌िए यह न‌ियम है क‌ि आधे प्रहर यानी 12 से 1 बजे के बीच इनकी पूजा नहीं की जानी चाह‌िए। इस समय हनुमान जी लंका में होते हैं। अन्य देवताओं के ल‌िए ऐसा कोई ‌न‌ियम नहीं हैं इसल‌िए देवताओं की पूजा द‌िन में भी होती है और रात में भी। लेक‌िन रात की पूजा के कुछ न‌ियम हैं।

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शंख - फोटो : getty images

अगर आप रात में यानी सूर्यास्त के बाद पूजा कर रहे हैं तो शंख नहीं बजाना चाह‌िए। इसका कारण यह है क‌ि सूर्यास्त के बाद देवताओं सोने चले जाते हैं। शंख ध्वन‌ि से उनकी न‌िद्रा बाध‌ित होती है। ऐसी धारणा है क‌ि सूर्यास्त के बाद शंख बजाने से लाभ की बजाय हान‌ि होती है।

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सूर्यास्त - फोटो : getty images
सूर्य भगवान द‌िन के देवता हैं। इस‌ल‌िए द‌िन में अगर कोई व‌िशेष पूजा कर रहे हैं तो साथ में सूर्य की पूजा भी जरूर करनी चाह‌िए। लेक‌िन रात्र‌ि में पूजा कर रहे हों तब सूर्य की पूजा नहीं करनी चाह‌िए।
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श‌िव पूजा में तुलसी - फोटो : tulsi shiv puja

भगवान व‌िष्‍णु, कृष्‍ण, सत्यनारायण की पूजा में तुलसी की आवश्यकता होती है। तुलसी पत्ता के ब‌िना इनकी पूजा पूर्ण नहीं होती है। इसल‌िए अगर रात में पूजा करनी हो तब द‌िन के समय ही तुलसी पत्ता तोड़ कर रख लें। शाम ढ़लने के बाद तुलसी पत्ता नहीं तोड़ना चाह‌िए यह इनके सोने का समय होता है।

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दूर्वादल से पूजा - फोटो : getty images
गणेश जी की पूजा में दूर्वा का प्रयोग होता है। भगवान श‌िव, सरस्वती, लक्ष्मी और दूसरे देवताओं को भी दूर्वा चढ़ता है। इसल‌िए रात में पूजा करनी हो तो द‌िन में ही दूर्वा तोड़कर रख लेना चाह‌िए। शाम ढ़लने के बाद कीड़े मकड़ों के काटने का खतरा रहता है दूसरा शास्‍त्रों के अनुसार वनस्पत‌ियों के साथ शाम ढ़लने के बाद छेड़ छाड़ नहीं करनी चाह‌िए। 
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