Paush Putrada Ekadashi 2025 Upay: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। दरअसल, सालभर में कुल 24 एकादशियां आती हैं। हर एकादशी का अपना अलग महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष माह में आने वाली एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। संतान सुख की इच्छा रखने वालों के लिए यह व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। संतान प्राप्ति के लिए महिलाएं यह व्रत श्रद्धा और भक्ति के साथ रखती हैं। पुत्रदा एकादशी का व्रत साल में दो बार रखा जाता है। पहली बार पौष माह में और दूसरी बार सावन माह में। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की सच्चे मन से पूजा करने पर संतान की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। साथ ही इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत और पूजा के साथ कुछ विशेष उपाय करने से इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।
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Paush Putrada Ekadashi 2025: संतान प्राप्ति के लिए पुत्रदा एकादशी के दिन करें ये उपाय, जल्द बनेंगे योग
Wed, 08 Jan 2025 11:49 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:49 AM IST
सार
हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष माह में आने वाली एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। संतान सुख की इच्छा रखने वालों के लिए यह व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस दिन व्रत और पूजा के साथ कुछ विशेष उपाय करने से इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।
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Paush Putrada Ekadashi 2025
- फोटो : Amar Ujala
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- फोटो : adobe stock
पौष पुत्रदा एकादशी 2025 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 9 जनवरी को दोपहर 12:22 बजे शुरू होगी और 10 जनवरी को सुबह 10:19 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में उदयातिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए यह व्रत 10 जनवरी 2025 को रखा जाएगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 9 जनवरी को दोपहर 12:22 बजे शुरू होगी और 10 जनवरी को सुबह 10:19 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में उदयातिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए यह व्रत 10 जनवरी 2025 को रखा जाएगा।
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- फोटो : adobe stock
पौष पुत्रदा एकादशी के उपाय
तुलसी माला से मंत्र जाप करें
तुलसी के पत्तों का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। ‘ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते, देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः’ मंत्र का तुलसी की माला से जाप करने पर संतान सुख की कामना पूरी होती है।
विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें
पौष पुत्रदा एकादशी के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और संतान सुख प्राप्ति के योग बनते हैं।
तुलसी माला से मंत्र जाप करें
तुलसी के पत्तों का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। ‘ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते, देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः’ मंत्र का तुलसी की माला से जाप करने पर संतान सुख की कामना पूरी होती है।
विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें
पौष पुत्रदा एकादशी के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और संतान सुख प्राप्ति के योग बनते हैं।
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- फोटो : adobe stock
भगवान विष्णु को चढ़ाएं पीले फूल
भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल अत्यंत प्रिय होते हैं। इस दिन उन्हें पीले फूल अर्पित करने से संतान सुख और पारिवारिक आनंद का आशीर्वाद मिलता है।
दान-पुण्य करें:
एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को इस दिन दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करने से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल अत्यंत प्रिय होते हैं। इस दिन उन्हें पीले फूल अर्पित करने से संतान सुख और पारिवारिक आनंद का आशीर्वाद मिलता है।
दान-पुण्य करें:
एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को इस दिन दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करने से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
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पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व
मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन गाय को चारा खिलाना भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह व्रत पारिवारिक सुख-शांति और संतान के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन गाय को चारा खिलाना भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह व्रत पारिवारिक सुख-शांति और संतान के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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