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Pongal 2025 Date: साल 2025 में कब मनाया जाएगा पोंगल? यहां जानें तिथि और मकर संक्रांति से इसका संबंध
Wed, 08 Jan 2025 07:15 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 08 Jan 2025 07:15 AM IST
सार
पोंगल दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस समय उत्तर भारत में मकर संक्रांति मनाई जाती है, जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं। आइए जानते हैं इस साल पोंगल किस दिन मनाया जाएगा...
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पोंगल 2025
- फोटो : Amar Ujala
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Pongal 2025: पोंगल दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस समय उत्तर भारत में मकर संक्रांति मनाई जाती है, जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं। पोंगल फसल के मौसम के आगमन का प्रतीक है। इस दिन लोग गायों और बैलों की पूजा करते हैं और उन्हें रंग-बिरंगे आभूषणों से सजाते हैं। यह त्योहार सूर्य देव को समर्पित है। इस दिन लोग समृद्ध फसल की खुशी को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाते हैं।
पोंगल 2025
- फोटो : adobe stock
पोंगल क्यों मनाया जाता है?
पोंगल उत्तर भारत में मकर संक्रांति, पंजाब में लोहड़ी और गुजरात में उत्तरायण की तरह एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार समृद्धि और कृषि उत्पादकता को समर्पित है। इसमें बारिश, धूप, कृषि एवं पालतू पशुओं की पूजा की जाती है। किसान विशेष अनुष्ठान कर प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। पोंगल परिवारों को एक साथ लाता है और प्रेम और सौहार्द को बढ़ाता है।
पोंगल उत्तर भारत में मकर संक्रांति, पंजाब में लोहड़ी और गुजरात में उत्तरायण की तरह एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार समृद्धि और कृषि उत्पादकता को समर्पित है। इसमें बारिश, धूप, कृषि एवं पालतू पशुओं की पूजा की जाती है। किसान विशेष अनुष्ठान कर प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। पोंगल परिवारों को एक साथ लाता है और प्रेम और सौहार्द को बढ़ाता है।
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पोंगल 2025
- फोटो : adobe stock
पोंगल कैसे मनाया जाता है?
- पोंगल त्योहार मुख्य रूप से सूर्य देव की पूजा के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
- पहले दिन, लोग सुबह जल्दी स्नान करते हैं और नए कपड़े पहनते हैं।
- नए मिट्टी के बर्तनों में ताजे चावल, दूध, गुड़ और काजू से विशेष पोंगल व्यंजन बनाए जाते हैं। इन व्यंजनों को सूर्य देव को अर्पित किया जाता है।
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पोंगल 2025
- फोटो : Freepik
- किसान अपने बैलों और गायों को नहलाते हैं और उन्हें सजाते हैं, ताकि कृषि में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया जा सके।
- घरों में पुराने और अनुपयोगी वस्तुओं को जलाया जाता है, जो एक नई शुरुआत का प्रतीक है, और नई वस्तुओं को घर में लाया जाता है।
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पोंगल 2025
- फोटो : Adobestock
पोंगल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि कृषि, प्रकृति और मानवीय रिश्तों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह त्योहार समाज में समृद्धि, खुशहाली और एकता का संदेश देता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।