Why Is Sindoor Offered To Lord Hanuman: मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। यह दिन बजरंगबली की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। बजरंगबली भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार माने जाते हैंं। श्रीराम के भक्त हनुमानजी के दर्शन मात्र से ही जीवन के सभी कष्ट दू हो जाते हैं। मान्यता है कि हनुमान जी की उपासना से सुख, शांति, आरोग्य एवं लाभ की प्राप्ति होती है। इसके अलावा हनुमान जी के भक्तों को नकारात्मक शक्तियां भी परेशान नहीं करती।
आपने देखा होगा कि मंदिरों में हनुमान जी की प्रतिमा सिंदूर से रंगी होती है। उन्हें विशेषतौर पर सिंदूर अर्पित भी किया जाता है। मान्यता है कि सिंदूर का चोला चढ़ाने से हनुमान जी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सिंदूर चढ़ाने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कार्यों में आ रही विघ्न बाधाओं को भी हनुमान जी दूर कर देते हैं। हनुमान जी का पूरा श्रृंगार सिंदूर से किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है? दरअसल, इस संबंध में एक कथा मिलती है, आइए जानते हैं कि हनुमान जी के पूरे शरीर पर सिंदूर लगाने का कारण क्या है....
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Hanuman Ashtak Path
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रामायण की कथा
कथा के अनुसार, एक बार हनुमान जी ने माता सीता को अपनी मांग में सिंदूर भरते हुए देखा। हनुमान जी ने उत्सुकता से माता सीता से इसका कारण पूछा। माता सीता ने हनुमान जी को बताया कि वह यह सिंदूर अपने पति, प्रभु श्रीराम की लंबी आयु और उनके सुख-समृद्धि के लिए लगाती हैं। यह सुनकर हनुमान जी ने सोचा कि यदि चुटकी भर सिंदूर से प्रभु श्रीराम इतने प्रसन्न होते हैं, तो यदि वह अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लें, तो उनके प्रभु सदैव प्रसन्न रहेंगे। इसी विचार के साथ हनुमानजी ने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।
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प्रयागराज हनुमान मंदिर
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जब भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को इस रूप में देखा, तो वे मुस्कुराए और पूछा, "हनुमान, यह तुमने क्या किया?" हनुमान जी ने श्रद्धा से उत्तर दिया, "प्रभु, यह मैंने आपकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए किया है।" हनुमान जी की इस अटूट भक्ति को देखकर भगवान श्रीराम अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने वरदान दिया कि जो भी भक्त हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करेगा, उसके सभी कष्ट दूर होंगे और उस पर मेरी कृपा सदा बनी रहेगी।
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प्रयागराज हनुमान मंदिर
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तभी से हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई। ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, और उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
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प्रयागराज हनुमान मंदिर
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सिंदूर का महत्व
त्रेतायुग से ही सिंदूर लगाने की परंपरा चली आ रही है। शास्त्रों में भी सिंदूर का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि जो सुहागिन स्त्रियाँ अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं, उनके पति की आयु लंबी होती है और उनका स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।