फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

समस्त पापों को नष्ट करने वाली है पापमोचनी एकादशी, व्रत रखने से खुल जाते हैं मोक्ष के द्वार

Thu, 19 Mar 2020 09:12 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश जोशी Updated Thu, 19 Mar 2020 09:12 AM IST
विज्ञापन
papmochani ekadashi 2020 date time history importance story and significance

एकादशी व्रत का धार्मिक शास्त्रों में विशेष महत्व होता है। साल में कुल 24 एकादशी होती है। चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो मनुष्य भक्ति भाव से जो व्रत रखता है उसके सारे पापों का नाश हो जाता है। इस बार यह एकादशी 19 मार्च, गुरुवार को पड़ रही है। इस एकादशी पर व्रत रखने से मनुष्य के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं।

papmochani ekadashi 2020 date time history importance story and significance

धार्मिक कथाओं के अनुसार इस एकादशी के महत्व को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया था। इस एकादशी के महत्व को भगवान श्रीकृष्ण ने बताते हुए कहा कि जो भी कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत रखता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते है। इस एकादशी के दिन भक्त को भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है।

papmochani ekadashi 2020 date time history importance story and significance

पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा 

  • एक बार एक ऋषि कठोर तपस्या में लीन थे। उनकी तपस्या के प्रभाव देवराज इन्द्र घबरा गए। ऋषि की तपस्या भंग करने के लिए इन्द्र ने मंजुघोषा नामक अप्सरा को भेजा। मेधावी ऋषि अप्सरा के हाव-भाव को देखकर उस पर मुग्ध हो गए। मेधावी ऋषि शिव भक्ति छोड़कर मंजुघोषा के साथ रहने लगे। कई साल गुजर जाने पर मंजुघोषा ने ऋषि से स्वर्ग वापस जाने की आज्ञा मांगी। ऋषि को तब भक्ति मार्ग से हटने का बोध हुआ और अपने आप पर ग्लानि होने लगी। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
papmochani ekadashi 2020 date time history importance story and significance

धर्म भ्रष्ट होने का कारण अप्सरा को मानकर ऋषि ने अप्सरा को पिशाचिनी हो जाने का शाप दिया। अप्सरा इससे दुःखी हो गई और शाप से मुक्ति के लिए प्रार्थना करने लगी। इसी समय देवर्षि नारद वहां आये और अप्सरा एवं ऋषि दोनों को पाप से मुक्ति के लिए पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। नारद द्वारा बताये गये विधि-विधान से दोनों ने पाप मोचिनी एकादशी का व्रत किया जिससे वह पाप मुक्त हो गये। शास्त्रों में बताया गया है कि एकादशी की इस कथा को पढ़ने और सुनने से सहस्र गौदान का फल मिलता है। ब्रह्महत्या, सोने की चोरी और सुरापान करनेवाले महापापी भी इस व्रत से पापमुक्त हो जाते हैं। यह व्रत बहुत पुण्यदायी है।

विज्ञापन
papmochani ekadashi 2020 date time history importance story and significance
व्रत के नियम
  • एकादशी के दिन प्रातः स्नानादि से निवृत होकर भगवान विष्णु की पूजा करें। घी का दीपक जलाकर भगवान से जाने-अनजाने जो भी पाप हुए हैं उससे मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना करें। जितना अधिक संभव हो 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed