फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Navratri 2022 : जानिए अखंड ज्योति जलाने के नियम, मंत्र, फायदे और लौ से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं

Wed, 28 Sep 2022 12:25 PM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 28 Sep 2022 12:25 PM IST
विज्ञापन
navratri 2022 burning of akhand jyoti rules mantras benefits and religious importance
अखंड दीपक जलाते समय उसे कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। दीपक रखने के लिए पहले किसी अन्न जैसे जौ,चावल या गेहूं की ढेरी बना लें उसके ऊपर दीपक रखें। - फोटो : अमर उजाला

सनातन धर्म में प्रत्येक धार्मिक कार्य की शुरुआत दीप प्रज्जवलित करने से होती है। ऐसी मान्यता है कि अग्निदेव को साक्षी मानकर उसकी उपस्थिति में किए गए कार्य अवश्य ही सफल होते हैं। अग्नि पृथ्वी पर सूर्य का परिवर्तित रूप है, इसलिए किसी भी देवी-देवता के पूजन के समय ऊर्जा को केन्द्रीभूत करने के लिए दीपक प्रज्जवलित किया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में महाशक्ति की आराधना करने वाले जातक अखंड ज्योति जलाकर मां दुर्गा की उपासना करते हैं। अखंड का अर्थ है जो खंडित न हो अर्थात जरूरी नहीं कि अखंड ज्योति पूरे नौ दिनों तक ही जलाई जाए, अष्टमी या नवमी के दिन पूजा के समय 24 घंटे के लिए भी अखंड दीपक जलाया जा सकता है।



October Horoscope 2022 : अक्तूबर महीने में किसका होगा भाग्योदय, किसे मिलेंगे शानदार मौके? पढ़ें मासिक राशिफल

October Planet Transit : अक्तूबर में शनि समेत कई ग्रहों की चाल में परिवर्तन, इन राशियों का होगा भाग्योदय

Happy Navratri 2022: नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को लगाएं अलग-अलग भोग,पूरी होंगी मनोकामनाएं
 

navratri 2022 burning of akhand jyoti rules mantras benefits and religious importance
navratri 2022 - फोटो : अमर उजाला
अखंड दीपक जलाते समय इस मंत्र का करें जाप

मंत्र- शुभम करोति कल्याणं,आरोग्यं धन संपदाम्,शत्रु बुद्धि विनाशाय,दीपं ज्योति नमोस्तुते।

इस मंत्र का सरल अर्थ यह है कि शुभ और कल्याण करने वाली,आरोग्य और धन संपदा देने वाली,शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाली दीपक की ज्योति को नमस्कार है।
navratri 2022 burning of akhand jyoti rules mantras benefits and religious importance
Shardiya Navratri 2022 - फोटो : iStock

अखंड दीपक जलाने के नियम
अखंड दीपक जलाते समय उसे कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। दीपक रखने के लिए पहले किसी अन्न जैसे जौ,चावल या गेहूं की ढेरी बना लें उसके ऊपर दीपक रखें। ध्यान रखें कि पूजा के बीच में दीपक बुझना नहीं चाहिए। दीपक देवी-देवताओं की प्रतिमा के ठीक सामने लगाना शुभ माना गया है। ध्यान रखें कि यदि मिटटी का दीप जला रहें हैं तो दीप साफ़ हो और कहीं से टूटे हुए न हो।किसी भी पूजा में टूटा हुआ दीपक अशुभ और वर्जित माना गया है। दीपक में बार-बार बत्ती नहीं बदलनी चाहिए। दीपक से दीपक जलाना भी अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से रोग में वृद्धि होती है,मांगलिक कार्यो में बाधाएं आती हैं।

Durga Saptashati Path: मां शक्ति की आराधना 'ॐ जय अम्बे गौरी ' की आरती और 'दुर्गा सप्तशती' पाठ के बिना अधूरी

Durga Saptashati Path Benefits: दुर्गा सप्तशती के महत्वपूर्ण मंत्र,नवरात्रि पर जरूर करें इन मंत्रों का जाप

Shardiya Navratri 2022: जानिए नवरात्रि के पहले दिन क्यों करते हैं कलश स्थापना

 

विज्ञापन
विज्ञापन
navratri 2022 burning of akhand jyoti rules mantras benefits and religious importance
शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

दीपक की लौ से जुडी मान्यता
दीपक की लौ के संबंध में मान्यता यह है कि उत्तरदिशा की ओर लौ रखने से स्वास्थ्य और प्रसन्नता बढ़ती है,पूर्वदिशा की ओर लौ रखने से आयु की वृद्धि होती है,पश्चिम की ओर लौ रखने से दुःख में वृद्धि होती है और दक्षिण की ओर लौ रखने हानि पहुंचती है। दीपक का ताप दीपक से 4 अंगुल चारों ओर अनुभव होना चाहिए, इससे दीपक भाग्योदय का सूचक होता है। जिस दीपक की लौ सोने के समान रंग वाली हो वह दीपक आपके जीवन में धन-धान्य की वर्षा कराता है एवं व्यवसाय में तरक्की का सन्देश देता है।

विज्ञापन
navratri 2022 burning of akhand jyoti rules mantras benefits and religious importance
गाजियाबाद के मंदिर में दर्शन करते भक्त - फोटो : अमर उजाला

अखंड ज्योति जलाने के फायदे
नवरात्र में अखंड ज्योति जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है,घर के सदस्यों को यश एवं प्रसिद्धि मिलती है। दीप ज्योति से समस्त पाप नष्ट होकर जीवन में सुख-समृद्धि,आयु,आरोग्य एवं सुखमय जीवन में वृद्धि होती। गाय के घी का दीपक जलाने से आसपास का वातावरण रोगाणु मुक्त होकर शुद्ध हो जाता है। पूजा अर्चना करते वक्त दीपक जलाने के पीछे भी यही उद्देश्य होता है कि प्रभु हमारे मन से अज्ञान रूपी अन्धकार को दूर करके ज्ञान रूपी प्रकाश प्रदान करें।दीपक के धुएं से वातावरण में मौजूद हानिकारक सूक्ष्म कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।दीपक से हमें जीवन के उर्ध्वगामी होने,ऊँचा उठने और अन्धकार को मिटा डालने की प्रेरणा मिलती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed